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गुरु कुम्हार की तरह अज्ञान रूपी मिट्टी को ज्ञान से देते हैं आकार

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कोटा

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Jul 20, 2026

Rajasthan

जैन जोड़ला मंदिर में अभिषेक-शांतिधारा, धर्मसभा में मुनिश्री ने दिए संस्कारों के संदेश

बारां. मुनिश्री 108 गुरुदत्त सागर महाराज एवं क्षुल्लक 108 मेरुदत्त सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में रविवार को जैन जोड़ला मंदिर में भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा श्रद्धा-भक्ति के साथ हुई। इसके बाद आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं और विद्यासागर पाठशाला के बच्चों ने धर्मोपदेश का लाभ लिया।

मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार कुम्हार साधारण मिट्टी को छानकर और आकार देकर दीपक, घट या मूर्ति का रूप देता है, उसी प्रकार गुरु अज्ञान रूपी जीवन को ज्ञान और संस्कारों से श्रेष्ठ बनाते हैं। बच्चों को जन्म देना ही पर्याप्त नहीं, उन्हें धर्म, संस्कार, भगवान की भक्ति, देव-शास्त्र-गुरु के प्रति श्रद्धा और जिनवाणी के अध्ययन का संस्कार देना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि गुरु पतित और अज्ञानी आत्मा को ज्ञान का मार्ग दिखाकर मोक्ष की ओर अग्रसर करते हैं। जीवन के सभी मार्ग बंद हो जाएं, तब भी धर्म का मार्ग सदैव खुला रहता है। धर्मसभा के बाद मुनिश्री की आहारचर्या संपन्न हुई। संत भवन में प्रतिदिन धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं।