कॅरियर सिटी कोटा में दीपावली अलग रंगत में मनाई जा रही है। यहां की ऊर्जा, यहां के विद्यार्थी है और देशभर से यहां कॅरियर बनाने के लिए आने वाले विद्ार्थियों को अपनापन देने के लिए तीन दिवसीय दिवाली महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन करीब एक हज़ार से ज़्यादा छात्राओं के एक साथ दिवाली मानने के बाद दूसरे दिन सोमवार को लैंडमार्क सिटी स्थित एलन सम्यक कैंपस में छात्रों के साथ दिवाली मनाई गई। दिवाली सेलीब्रेशन में शिक्षक संग स्टूडेंट गीतों पर जमकर झूमे। कुछ स्टूडेंट ने शिक्षकों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। एक-दूसरे का मिठाई से मुंह मीठा करवाया। इस अवसर पर फैकल्टीज ने उन्हें हैप्पी दिवाली कहा और साथ मिलकर दीपक जलाए गए।
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जीवन का हर दिन उत्सव की तरह जिएं
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण जैन रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स के लिए गीत गाया। उन्होंने कहा कि कोटा में जीवन का हर दिन उत्सव की तरह जिएं। किसी भी बात से निराश होने की जरूरत नहीं है, कोटा और यहां का हर व्यक्ति आपके साथ है। आपको आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। कार्यक्रम में एलन के निदेशक डॉ.गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी ने गीत गाकर स्टूडेंट्स को शुभकामनाएं दी। यहां सभी ने बच्चों के साथ दीपक जलाए, पटाखे चलाए, अंत में सभी ने भोजन किया।
जमकर झूमे स्टूडेंट
कार्यक्रम में फिल्मी गीत बजने लगे तो एक के बाद एक स्टूडेंट्स अपनी-अपनी जगह पर खड़े होकर नाचने लगे। एक के बाद एक गीतों का सिलसिला करीब दो घंटे चला और इस दौरान स्टूडेंट्स ने जमकर आनंद लिया। निदेशक नवीन माहेश्वरी ने कहा कि जो बच्चे दिवाली पर घर नहीं जा सके उनके लिए कार्यक्रम रखा गया है। यहां ऐसे ही दिवाली सेलिब्रेशन मनाया जाएगा। जिससे इन स्टूडेंट्स को ऐसा अहसास नहीं हो कि वो घर से दूर हैं। पहला दिन छात्राओं के नाम रहा। सोमवार व मंगलवार को छात्रों के साथ दिवाली मनाएंगे।
करीब 50 हजार स्टूडेंट कोटा में
शिक्षा की काशी कोटा में हर साल देशभर से इंजीनियरिंग व मेडिकल के क्षेत्र में लाखों स्टूडेंट अपना भविष्य बनाने आते है। पढ़ाई के बीच दीपावली पर कोचिंग का सबसे बड़ा छूटियाें का ब्रेक होता है। यहां 21 से 27 अक्टूबर तक छूटियां है। वर्तमान में यहां 1.75लाख स्टूडेंट है। इनमें से करीब सवा लाख स्टूडेंट दिवाली पर ब्रेक में घर लौट चुके है। जबकि पश्चिम बंगाल, उडि़सा, केरल, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, बिहार समेत अन्य कई जगहों के स्टूडेंट कोटा में ही है। लंबी छूटियां आने के कारण इनके अभिभावक कोटा में आ चुके है। इसके चलते वे घर नहीं गए। कुछ पढ़ाई प्रभावित नहीं हो तो कुछ लंबी दूरी के चलते घरों पर नहीं गए। इसी के चलते कोचिंग संचालकों ने कोटा में दिवाली यादगार बनाने के लिए दिवाली सेलीब्रेशन का आयोजन किया गया।