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2.5 करोड़ के बिल पास कराने के लिए 2 लाख की घूस लेते अधीक्षण अभियंता गिरफ्तार, कोटा आवास से मिली सवा 9 लाख नकदी

Kota-Dungarpur News: 2.5 करोड़ का बिल पास कराने की एवज में 2 लाख की घूस लेते अधीक्षण अभियंता रंगे हाथ गिरफ्तार। उनके कोटा आवास से सवा 9 लाख रुपए नकदी मिले हैं।

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कोटा

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Akshita Deora

Dec 18, 2024

ACB Action: एसीबी की डूंगरपुर टीम ने मंगलवार को जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कछवाहा को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। अधीक्षण अभियंता ने जल जीवन मिशन योजना के बकाया बिल को पास करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। अधीक्षण अभियंता के कोटा स्थित आवास से एसीबी को तलाशी में सवा नौ लाख रुपए की नकदी मिली है। गौरतलब है कि कछवाहा कोटा में भी जलदाय विभाग में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।

एसीबी को दी शिकायत में परिवादी ठेकेदार ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत करवाए गए कार्यों के करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपए के बिल बकाया चल रहे थे। इन बिलों को पास करने की एवज में आरोपी अधिकारी ने 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी उदयपुर के उप महानिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल के सुपरविजन में शिकायत के सत्यापन कर ट्रेप की कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल कछवाहा को 2 लाख रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया।

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सत्यापन के दौरान भी एक लाख वसूले

एसीबीउदयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस राजेन्द्र प्रसाद गोयल के सुपरविजन में एसीबी की डूंगरपुर इकाई के उप अधीक्षक पुलिस रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया। पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र सिंह एवं अन्य ने ट्रेप कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल कछवाहा को परिवादी से 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि आरोपी अधीक्षण अभियंता ने शिकायत के सत्यापन के दौरान भी परिवादी से 1 लाख रुपए रिश्वत के रूप में वसूल किए जा चुके हैं। इधर, मामले में एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ एवं आगे की कार्रवाई की जा रही हैं।

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पांच लाख रुपए की मांग की थी

एसीबी को दी शिकायत में परिवादी ठेकेदार ने बताया कि जल-जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत करवाए गए कार्यों के करीब 2 करोड 50 लाख रुपए के बिल बकाया चल रहे थे। इन बिलों को पास करने की एवज में आरोपी अनिल ने 5 लाख रुपए की रिश्वत राशि की मांग की थी। इस राशि को लेकर लगातार परेशान किया जा रहा था एवं बिल अटकाए जा रहे थे। जिस पर परेशान होकर एसीबी को शिकायत की गई।