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Heavy Rain: भारी बारिश के बाद खुल गए इस बांध के सारे गेट, कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी

झालावाड़, बारां व बूंदी जिलों में बने बांधों के भी गेट खोले गए। उजाड़ नदी खतरे के निशान से ऊपर बही। इस कारण देवली-अरनिया स्टेट हाईवे बंद रहा। कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र की कई बस्तियों में पानी घुस गया।

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कोटा

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Akshita Deora

Jul 29, 2025

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कोटा बैराज (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan Dam: हाड़ौती अंचल में सोमवार को भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में सर्वाधिक बारिश कोटा जिले के रामगंजमंडी में 10 इंच (242 एमएम) दर्ज की गई। चम्बल नदी के कैचमेंट एरिया में जोरदार बारिश से बांधों में पानी की भारी आवक हुई। इससे राणा प्रताप सागर बांध के 6 गेट खोलकर 2 लाख 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जवाहर सागर बांध के 7 गेट खोलकर 285000 क्यूसेक व कोटा बैराज के 12 गेट खोलकर करीब 3 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी किया गया।

नवनेरा बांध के खुले सभी गेट

इसके अलावा झालावाड़, बारां व बूंदी जिलों में बने बांधों के भी गेट खोले गए। उजाड़ नदी खतरे के निशान से ऊपर बही। इस कारण देवली-अरनिया स्टेट हाईवे बंद रहा। कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र की कई बस्तियों में पानी घुस गया। रातभर लोगों ने आंखों में काटी। कुदायला-देवली में 250 लोगों को रेस्क्यू किया गया, जबकि सुकेत क्षेत्र में पाटली नदी उफान पर आने से किनारे पर बने मकान व फैक्टरी में फंसे 7 लोगों को एसडीआरफ टीम ने सुरक्षित निकाला। कोटा शहर में दिनभर कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होती रही। कोटा में बीते 24 घंटे में 19.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। नवनेरा बांध के सभी 27 गेट खोलकर साढ़े तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया। अयाना में अस्पताल में पानी घुस गया। खातौली-कैथूदा चंबल नदी झरेर पुल पर पानी की आवक रही। इसके अलावा सांगोद, मंडाना, सुल्तानपुर समेत अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश हुई।

यह मार्ग रहे बंद

परवन पुलिया पर पानी आने से झालावाड़-बारां मेगा हाइवे, उजाड़ नदी उफान पर होने से देवली-अरनिया स्टेट हाईवे, चंबल की झरेर की पुलिया पर पानी होने से खातौली-सवाईमाधोपुर मार्ग, मंडावरा-कापरेन मार्ग, घोड़ा पछाड़ नदी में उफान से नमाना बरूधन मार्ग, श्यामू-नमाना मार्ग, नमाना-गरडदा मार्ग, बूंदी नमाना मार्ग, नमाना-आमली मार्ग, खटकड़ में मेज नदी की पुलिया डूबने से स्टेट हाईवे 34 व 29 का आवागमन बंद हो गया है। वहीं झालावाड़ जिले में आहू नदी उफान पर होने से आवर-पगारिया मार्ग बंद हो गया।

चन्द्रलोई नदी में ट्रैक्टर चालक की तलाश, मगरमच्छ बने बाधा

कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र स्थित चन्द्रलोई नदी में रविवार शाम डूबे ट्रैक्टर चालक की तलाश सोमवार को भी जारी रही। बूंदी जिले के डाबी निवासी लाला गुर्जर रविवार को ट्रैक्टर की धुलाई करते समय नदी के तेज बहाव में बह गया था। एसडीआरएफ टीम ने सोमवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया लेकिन सफलता नहीं मिली। एसआई ज्योति मौर्य ने बताया कि नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण तलाशी अभियान में काफी दिक्कतें आ रही हैं। मंगलवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

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