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एक हजार किमी से अमन बच्चा को दबोच लाई कोटा पुलिस, महाराष्ट्र के कुख्यात अपराधी ने दे रखी थी शरण

भूरिया की हत्या कर महाराष्ट्र के अति संवेदनशील इलाके वासिम में दो साथियों के साथ छिपा था

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कोटा

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Suraksha Rajora

Jan 27, 2020

एक हजार किमी से अमन बच्चा को दबोच लाई कोटा पुलिस, महाराष्ट्र के कुख्यात अपराधी ने दे रखी थी शरण

एक हजार किमी से अमन बच्चा को दबोच लाई कोटा पुलिस, महाराष्ट्र के कुख्यात अपराधी ने दे रखी थी शरण

कोटा. श्रीपुरा मछली बाजार में दिनदहाड़े युवक भूरिया की हत्या कर फरार हुए कुख्यात अपराधी अमन बच्चा को कोटा पुलिस ने महाराष्ट्र के अति संवेदनशील इलाके वासिम से दो साथियों के संग धर दबोचा। भूरिया की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी महाराष्ट्र भाग गए थे। जहां उन्हें एक कुख्यात अपराधी ने धार्मिक स्थल में शरण दे रखी थी। गिरफ्तार युवकों में से एक बांसवाड़ा के सदर सोहराब की हत्या करने के बाद तीन साल से फरार चल रहा था।


कैथूनीपोल थाना क्षेत्र में सात जनवरी को मछली बाजार निवासी शाकिर उर्फ भूरिया पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज से गोलियां चलाने वाले युवक की शिनाख्त कुख्यात अपराधी अमन बच्चा के तौर पर हुई। मृतक भूरिया के भाई अशफाक ने अमन बच्चा, उसके भाई फैजल, अख्तर, शहनवाज, इशरत, समीर और कुशल गुर्जर आदि के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इसके बाद पुलिस ने अगले ही दिन शहनवाज को पाटनपोल से धर दबोचा। जबकि 17 जनवरी को अख्तर हुसैन, समीर और फाइज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन लोगों से पूछताछ और तकनीकी अनुसंधान के बाद पुलिस को अमन बच्चा की महाराष्ट्र के संवेदनशील इलाके में छिपे होने की सूचना मिली।

शातिर अपराधियों की शरण में थे हत्यारे
एसपी सिटी दीपक भार्गव ने बताया कि अनुसंधान में पुलिस को अमन बच्चा और उसके साथियों के महाराष्ट्र के वासिम में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद कमांडोज के साथ कोटा पुलिस की एक टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए महाराष्ट्र भेजी गई। महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर इस टीम ने पहले संदिग्ध स्थल की रेकी की और स्थानीय स्तर पर सूचनाएं एकत्र कर तीनों के छिपने का सही ठिकाना मालूम किया।

वासिम के ऊंचाई वाले और चारों ओर से झाडिय़ों से घिरे धर्मस्थल में तीनों के छिपे होने की पुष्टि कर ली, लेकिन लोगों की खासी आवाजाही के चलते यहां कार्रवाई करना बेहद मुश्किल था। पुलिस ने कार्ययोजना बनाकर अमन बच्चा, मोहम्मद इशरत और गोलू बाबर उर्फ जाहिद हुसैन को धर दबोचा। महाराष्ट्र पुलिस के मुताबिक तीनों हत्यारोपियों को महाराष्ट्र के कुख्यात अपराधी नागौरी ने यहां शरण दिलवाई थी।

गोलू ने की थी सदर की हत्या
दबिश के दौरान अमन बच्चा के साथ गिरफ्तार किया गया झालावाड़ की रामद्वारा गली निवासी गोलू बाबर तीन साल पहले बांसवाड़ा के सदर सोहराब खान की हत्या के बाद से फरार चल रहा था। गोलू पर पुलिस ने एक हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। दो हजार रुपए के इनामी अमन बच्चा पर मकबरा, किशोरपुरा, उद्योग नगर, विज्ञान नगर, कैथूनीपोल, आरकेपुरम, नयापुरा, मंडाना और गुमानपुरा थाने में में जानेलवा हमला, हत्या और आम्र्स एक्ट समेत 15 से ज्यादा संगीन वारदातों को अंजाम देने के मुकदमे दर्ज हैं। इशरत पर भी तीन मुकदमे दर्ज हैं।

रिकवरी के चक्कर में हुई हत्या
अमन बच्चा ने पूछताछ में बताया कि सात जनवरी को अख्तर हुसैन और समीर ने उसे फोन कर बताया था कि स्कूटी की बकाया किस्तों की रिकवरी करने के चक्कर में श्रीपुरा निवासी शाकिर उर्फ भूरिया से गाली गलौज हो गई। इसके बाद उसके साथ तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर नौ लोग मछली बाजार पहुंचे और भूरिया को किस्तें चुकाने के लिए कहा, लेकिन पैसे देने के बजाय वह झगड़े पर अमादा हो गया। इसके बाद उसने पिस्टल निकाल कर भूरिया को गोली मार कर उसकी हत्या कर दी।