24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खेल गजब का,पैसे दो और सर्टिफिकेट लो: बिना जांच किए लग रही ‘प्रदूषण फ्री’ की मुहर

कोटा(अंकित राज सिंह चन्द्रावत). कोटा में परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) जारी करने का बड़ाफर्जीवाड़ा सामने आया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Hemant Sharma

•

Updated: 17 May 2025, 12:54 PM IST

rto

प्रदूषण जांच वाहन

कोटा(अंकित राज सिंह चन्द्रावत). कोटा में परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) जारी करने का बड़ाफर्जीवाड़ा सामने आया है। पत्रिका की 15 दिन की गहन पड़ताल में सामने आया कि बिना किसी जांच के ही वाहनों को ‘प्रदूषणफ्री’ घोषित कर पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। इसके बदले वाहन मालिकों से चार से पांच गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि कुछ मामलों में तो थाने में बंद वाहनों और विधायक की कार तक को बिना देखे ही प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

नकली प्रमाण पत्र का खेल

पत्रिका टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मोबाइल प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की जांच करवाई। टीम ने जब नकद भुगतान के साथ बिना वाहन पेश किए पीयूसी सर्टिफिकेट की मांग की तो कई केंद्रों ने बिना किसी हिचकिचाहट के प्रमाण पत्र जारी कर दिए। स्थिति इतनी गंभीर है कि केवल वाहन का नंबर या फोटो दिखाने पर भी ’प्रदूषणफ्री’ सर्टिफिकेट तैयार किए जा रहे हैं। यह खेल आरटीओ कार्यालय के बाहर खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिमेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

विधायक की कार का भी बना दिया पीयूसी

पत्रिका टीम ने इस पूरे खेल को उजागर करने के लिए कोटा दक्षिण विधायक की कार का भी सर्टिफिकेट बनाना चाहा तो बड़ी आसानी से पीयूसी जारी कर दिया गया। विधायक की कार (आरजे 20 यूबी 2627) का बिना वाहन के सर्टिफिकेट बना दिया। वैन में बैठे कर्मचारियों ने कार की केवल फोटो लेकर उसे कंप्यूटर से जोड़ते हुए नया प्रमाण पत्र तैयार कर दिया।

थाने में जब्त कार को भी बताया प्रदूषण मुक्त

पत्रिका टीम ने झालावाड़ रोड स्थित आईएल चौराहा लाईओवर के पास मौजूद मोबाइल जांच वैन (आरजे 20 जीए 4658) से संपर्क किया और थाने में जब्त एक गैंगस्टर की कार (आरजे 14 यूई 9395) का सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की। पहले कर्मचारी ने इनकार किया, लेकिन जब अधिक पैसे देने की बात हुई तो वह 100 रुपए लेकर बिना वाहन देखे ही पीयूसी जारी कर बैठा।

नियमों की उड़ रही धज्जियां

सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र तभी बन सकता है, जब वाहन को अधिकृत केंद्र पर ले जाकर उसकी निकास पाइप से उत्सर्जन की जांच की जाए। यह प्रमाण पत्र नए वाहनों के लिए एक वर्ष और पुराने वाहनों के लिए छह माह के लिए मान्य होता है। इस प्रक्रिया को पहले मैनुअल से ऑनलाइन किया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे, लेकिन निजी फर्मों ने तकनीकी व्यवस्था में सेंध लगाकर अब ऑनलाइन भी फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का तरीका निकाल लिया है।

लाइसेंस निलबित करेंगे

यदि कोई पीयूसी वैन संचालक बिना वाहन लाए ही सर्टिफिकेट जारी कर रहा है तो वह गलत है। वैसे तो इसको ऑनलाइन कर दिया है, इसके बावजूद ऐसा हो रहा है तो जांच करवाकर वैन संचालक के लाइसेंस को निलबित किया जाएगा।-मनीष शर्मा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, कोटा

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग