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अब विदेश नहीं भाग पाएंगे माल्या, मोदी जैसे अपराधी

दिवालिया कानून-2016 में हुआ संशोधन : विजय माल्या, नीरव मोदी द्वारा अरबों रुपए लेकर भागने के बाद देश में लागू हुआ दिवालिया कानून
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माल्या, मोदी की तरह अब नहीं भाग पाएंगे विदेश

कोटा . वैसे तो देश में दिवालिया कानून 2016 में ही बन गया था, लेकिन विजय माल्या-नीरव मोदी द्वारा रुपए लेकर भागने के बाद इस कानून की महत्ता का पता चला। दोनों घटनाओं के बाद सरकार ने इस कानून की सख्ती से पालना शुरू की। एेसे में कोई भी व्यापारी, उद्यमी, कम्पनी, बैंक, फाइनेंस कम्पनी, के्रडिट कॉपरेटिव सोसायटी, म्यूचुअल फंड कम्पनी रुपए लेकर नहीं भाग सकती। यह बात कही दिल्ली के सीए मनीष गुप्ता ने।

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जो इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की कोटा ब्रांच की ओर से दिवालिया कानून पर शुक्रवार से शुरू हुई दो दिवसीय सीए सेमिनार को सम्बोधित कर रहे थे।

कोटा ब्रांच चेयरमैन विकास जैन ने बताया कि यह कानून लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति दिवालिया घोषित नहीं हो सकता। दिवालिया घोषित होने से पहले उसे समस्त बकाया भुगतान करना होगा। अगर एेसा नहीं करता है तो जुर्माना चुकाना व जेल जाना तय है। संचालन सचिव नीतू खंडेलवाल ने किया।

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6 माह में केस फाइनल
दूसरे सत्र में दिल्ली के सीए अतुल कंसल ने कहा कि यह कानून लागू होने से पीडि़तों को कोर्ट में लम्बे समय तक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में परिवाद पेश करने के बाद 15 दिन में सुनवाई होना तय है। वहीं 6 माह में केस फाइनल करने का कानून में प्रावधान है।

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एनसीएलटी में मात्र 2000 रुपए की फीस में परिवाद पेश किया जा सकता है। कोटा ब्रांच के सीपीई चेयरमैन आशीष व्यास ने बताया कि फिलहाल यह अधिनियम सिर्फ कंपनी व लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फ र्म पर ही लागू है, लेकिन जल्द ही व्यक्तिगत फर्म पर भी लागू हो जाएगा।