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AnantChaturdashi mahotssav:AnantChaturdashi mahotssav: 135 झांकियां हुई शामिल महिलाओं ने दिखाया अखाड़ों में जोश और जुनून

AnantChaturdashi mahotssav: कोटा. चतुर्दशी का अनन्त उत्साह-उमंग-उल्लास, जोश-जुनून-जज्बा और सेवा-समर्पण-सैलाब...गणपति बप्पा की मनभावन झांकियां, अगाध आस्था, श्रद्धा और भक्ति का भाव, वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ:.., गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थाने परमेश्वर..., यत्र ब्रह्मादयो देवा:, तत्र गच्छ हुताशन... जैसे मंत्रों की गूंज।कुछ इसी तरह के माहौल में गुरुवार को गणपति बप्पा को विदा किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शोभायात्राएं निकाली गई।

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कोटा

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Hemant Sharma

Sep 29, 2023

AnantChaturdashi mahotssav: कोटा. चतुर्दशी का अनन्त उत्साह-उमंग-उल्लास, जोश-जुनून-जज्बा और सेवा-समर्पण-सैलाब…गणपति बप्पा की मनभावन झांकियां, अगाध आस्था, श्रद्धा और भक्ति का भाव, वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ:.., गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थाने परमेश्वर…, यत्र ब्रह्मादयो देवा:, तत्र गच्छ हुताशन… जैसे मंत्रों की गूंज। जयकारे, भक्ति संगीत के सुर छेड़ती मंडलियां, डीजे पर देवा श्री गणेशा…तो कहीं देवा ओ देवा, गणपति अपने गांव चले…सरीखे भजनों की रसधार, डांडिया खड़काती भक्तों की टोलियां, करतब दिखाते अखाड़ेबाज, स्वागत-सत्कार को सजे स्वागतद्वार, फूलों की वर्षा, फल, नमकीन व मिष्ठानों के प्रसाद से दिलों मेें घुलती महापर्व की मिठास।

कुछ इसी तरह के माहौल में गुरुवार को गणपति बप्पा को विदा किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शोभायात्राएं निकाली गई। अनंत चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के संयोजन में मुख्य शोभायात्रा सूरजपोल दरवाजे के पास से शुरू हुई। इसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई गणपति बप्पा के रंग में रंगा नजर आया। कोई झांकियों के संग भक्ति में तल्लीन दिखा कोई जयकारे लगाता तो कोई अखाड़े के हैरतअंगेज करतब दिखाता नजर आया। श्रद्धालुओं में भक्ति का समंदर इस तरह से हिलौर मार रहा था कि एक छोर श्रीपुरा पहुंच गया था, तब दूसरा छोर गुमानपुरा को छू रहा था। शोभायात्रा में 135 आकर्षक झांकियां शामिल हुई।

इनमें गणपति के विभिन्न रूप नजर आए। महाकाय गणपति की झांकियों के अलावा, अन्य कई आकर्षक व संदेशात्मक झांकियां भी शामिल हुई। शोभायात्रा में 75 अखाड़े शामिल हुए। इन अखाड़ों में शामिल करीब 9 से 10 हजार अखाड़ेबाज हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को चकित करते रहे। शोभायात्रा में 7 महिला अखाड़े शामिल हुए। इनमें शामिल 2 हजार के करीब मातृशक्ति ने शक्ति का प्रदर्शन किया। गर्मी व उमस के बावजूद अखाड़ेबाज जोश, जुनून व उत्साह के साथ प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं शहरवासियों में जुलूस को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। छावनी से लेकर गुमानपुरा, गुमानपुरा से बारहदरी तक सड़क, गलियों में गणपति बप्पा के नाम का डंका बज रहा था। सड़क किनारे, मकानों की छतें व गलियां श्रद्धालुओं से अटी नजर आई। तीखी धूप व उमस के बावजूद लोगों के कदम नहीं रुके। विभिन्न संस्था व संगठनों ने भी शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की राह में पलक पावड़े बिछा दिए।

बढ़ता गया कारवां

शोभायात्रा दोपहर सवा एक सूरजपोल दरवाजे से रवाना हुई। मार्ग में गणपति का कारवां बढ़ता गया और लोग जुड़ते चले गए। सबसे आगे गणपति की झांकी के साथ एक विशेष रूप से तैयार किए गए वाहन में साधु संत सवार थे। पीछे की ओर नजर जाने तक झांकियां, बैंड, बाजे, अखाड़े, भजन व डांडिया दल व हजारों लोगों की भीड़ चल रही थी। हर कोई गणपति बप्पा की विदाई का साक्षी बनने को आतुर नजर आ रहा था। शोभायात्रा मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, गंधीजी की पुल, श्रीपुरा, सब्जीमंडी, अग्रसेन बाजार, रामपुरा, आर्यसमाज रोड होते किशोर सागर तालाब की पाल स्थित बारहदरी पहुंची। गणपति बप्पा मोरिया, अबके बरस फिर जल्दी जैसे उद्घोषों के बीच गणपति को विदा किया।शुक्रवार को सुबह 7 बजे तक प्रतिमाओं का विजर्सन होता रहा।

गणपति पूजन व आरती

इससे पहले सूरजपोल दरवाजे के पास सतों व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समारोह आयोजित किया गया। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, पूर्व सांसद इज्यराज सिंह, विधायक चन्द्रकांता मेघवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष राखी गौतम, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, पीसीसी सचिव शिवकांत नंदवाना, भाजपा नेता भवानीसिंह राजावत, शहर अध्यक्ष कृष्णकुमार सोनी, कोटा में शोभायात्रा की शुरुआत करने वाले डॉ. रामकुमार के बेटे डॉ. शिवकुमार, समिति प्रभारी दिनेश सोनी, सह प्रभारी राकेश चतुर्वेदी, हर्ष जैन, सुमेर सिंह, धनराज गुर्जर, मुकेश जोशी व नेता खंडेलवाल, मनोजपुरी रमेश राठौर व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

संतों का सान्निध्य

आयोजन समिति अध्यक्ष साध्वी हेमानंद सरस्वती, हरिद्वार से आईं साध्वी मैत्री गिरी, संत सनातनपुरी, मंझले मुरारी बापू, संत प्रभाकर, दशरथ दास, रामावतार शास्त्री अन्य संत मौजूद रहे। साध्वी हेमानंद सरस्वती ने कहा कि शोभायात्रा के दौरान उत्साह के साथ अनुशासन का भी ध्यान रखें। संत सनातनपुरी ने भी संबोधित किया। साध्वी मैत्री गिरी ने कहा कि इस तरह का उत्साह कोटा में ही देखा जाता है। दोपहर करीब सवा 12 समारोह शुरू हुआ। समापन पर गणपति पूजन, आरती के बाद शोभायात्रा शुरू हुई।

चन्द्रयान-3 का आकर्षण

शोभायात्रा में गणपति समेत अन्य झांकियों के साथ गणेश मित्र मंडल छावनी की ओर से तैयार की गई चन्द्रयान-3 की विशेष झांकी आकर्षण का केन्द्र बनी रही। करीब 17 फीट ऊंची व 8 फीट चौड़ी झांकी को लोग देखते रहे।

दिखाए करतब

मुख्य शोभायात्रा में दिग्गज उस्तादों के सान्निध्य में निकले अखाड़ों ने चारचांद लगा दिए। अखाड़ेबाजों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाए तो दर्शकों ने दांतों तले अंगुलियां दबा ली। अखाड़ों में बुजुर्ग, युवा, बालक-बालिकाएं व महिलाओं करतब दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अखाड़ेबाजों ने बनेठी, धारिया, बल्लम, भाले, लाठियां, तलवार, गदा, चकरी व चक्कर, मुगदर घुमाने सहित कई तरह के करतब दिखाए।

प्रसाद में नमकीन, मीठा

शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह प्रसाद भी वितरित किया गया। कहीं आलूबड़े, कहीं पकौड़ी, कहीं कचौरी और सब्जी-पूड़ी, पेठा भेलपुरी, नुक्ति, हलुआ, कचौरी वितरित की। रिद्धि-सिद्धि विनायक श्री गणेश नवयुक मंडल के संयोजक हरीश राठौर ने बताया कि रात तक प्रसादी के रूप में पूडी-सब्जी बांटी गई। सरायकायस्थान नवयुवक मंडल के ललित सरदार ने बताया पकौड़ी का वितरण किया गया। सुनील पोकरा ने बताया कि पोकरा समाज की ओर से मोखापाड़ा में पकौड़ी वितरित की।

चप्पे-चप्पे पर रही नजर

शहर एसपी शरद चौधरी ने बताया कि शांतिपूर्ण रूप से जुलूस निकला। जुलूस मार्ग को 18 सेक्टरों में विभाजित कर जाप्ता लगाया था। इनकी कमान 17 एएसपी, 33 उप अधीक्षक, 50 निरीक्षक व 150 उप निरीक्षक ने संभाली। कुल 3700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा आरएसी की कम्पनियां एवं होमगॉर्ड का जाप्ता हर हरकत पर नजर रखे हुए था। इसके अलावा पूरे मार्ग में 100 सीसीटीवी लगाए गए।

किया उपचार

निर्धन रोगी उपचार प्रकल्प की ओर से लालबुर्ज में चिकित्सा शिविर लगाया गया। संयोजक पं. अनिल औदिच्य ने बताया कि देर रात तक चले शिविर में 150 से अधिक लोगों का उपचार किया गया।

यहां भी शोभायात्रा

कुन्हाड़ी क्षेत्र में गणेश व्यायामशाला के तत्वावधान में शोभायात्रा निकाली गई। व्यायामशाला के अखिलेश मेहता व गणेश शर्मा ने बताया कि विसर्जन नयापुरा चंबल नदी में किया गया। नांता क्षेत्र में मेडकीपाल हनुमान व्यायामशाला की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। संरक्षक भवानी सिंह हाड़ा व कन्हैया जेठी ने बताया कि प्रतिमाओं का विसर्जन अभेड़ा तालाब में किया गया। डॉ. महेश पारीक ने बताया कि इस दौरान बड़ी संख्या में झांकिया व लोग शामिल हुए। बोरखेड़ा, स्टेशन, पटरीपार क्षेत्र में भी गणेश विसर्जन की धूम रही। यहां भी शोभायात्रा निकाली गई।
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टाइम लाइन

12.15 बजे सूरजपोल दरवाजे के पास किया पूजन 1.15 बजे के करीब रवाना हुई शोभायात्रा 02 बजे के करीब कैथूनीपोल पहुंची शोभायात्रा कैथूनीपोल 05 किलोमीटर मार्ग को तय किया शोभायात्रा ने 10 घंटे में किया सफर तय 135 झांकियों से झलका वैभव 75 अखाड़ों ने किया प्रदर्शन 10 हजार के करीब पट्टेबाजों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब 07 महिला अखाड़े हुए शामिल 02 से ढाई हजार बालिकाओं ने कलाबाजी दिखाकर दर्शकों को हैरत में डाला 12 के करीब भजन मंडलियों के बहाई भजनों की सरिता 05 डांडिया मंडलियों के कलाकारों ने खड़काए डांडिया 80 जगह पर लगे स्वागतद्वार, कदम-कदम पर प्रसाद वितरण

स्टील ब्रिज लिंक रोड पर लगा रहा जाम

श्रद्धालुओं ने गणपति को स्टील ब्रिज लिंक रोड से गुजर रही नहर के घाट पर भी विसर्जित किया। यहां दिनभर तो यातायात सुचारू रहा, लेकिन छह बजे बाद से भारी जाम लग गया, जो देर रात तक रहा। वाहन 80 फीट रोड से होते हुए लिंक रोड से गुजरे। इस मार्ग से दोनों तरफ से गणपति को घाट पर विसर्जित करने वाले वाहन तथा किशोर सागर की तरफ जाने वाली झाकियां भी निकली। इससे मार्ग पर जाम लग गया। पुलिसकर्मियों ने से भी यातायात व्यवस्था संभाले नहीं संभली।

नाव वालों की चांदी

घाट पर गणपति को विसर्जित करने के लिए लोगों की भीड़ सुबह से ही लगी रही। ऐसे में नहर में आधा दर्जन नावें उतर गई। नाव वालों के पास दिनरात तक फुर्सत नहीं थी। गणपति को विसर्जित करने के लिए प्रति श्रद्धालु 100 रुपए वसूले।
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