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अप्रेल रहा सबसे भारी… अस्पतालों में जगह नहीं मिली, घरों से मौत खींच ले गई

कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर का अप्रेल का एक माह ही सबसे भारी निकला। पूरा चिकित्सा तंत्र फेल हो गया। शहर के हालात पूरे बिगड़ गए। ऑक्सीजन बेड्स, आईसीयू बेड मिलना मुश्किल हो गया।  

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कोटा

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Abhishek Gupta

May 01, 2021

अप्रेल रहा सबसे भारी... अस्पतालों में जगह नहीं मिली, घरों से मौत खींच ले गई

अप्रेल रहा सबसे भारी... अस्पतालों में जगह नहीं मिली, घरों से मौत खींच ले गई

कोटा. कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर का अप्रेल का एक माह ही सबसे भारी निकला। पूरा चिकित्सा तंत्र फेल हो गया। शहर के हालात पूरे बिगड़ गए। ऑक्सीजन बेड्स, आईसीयू बेड मिलना मुश्किल हो गया। जीवनरक्षक दवाइयां तक खत्म हो गई। अन्य संसाधन कम पड़ गए। सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की कमी व लंग्स में इंफेक्शन वाले मरीज मिले है। इस माह में 106090 सैम्पल की जांच में कुल 20 हजार 257 पॉजिटिव मरीज मिले है। सरकारी रिपोर्ट में कुल 111 मरीजों की मौत हुई। जबकि कोविड अस्पतालों में 200 मरीजों की मौत हुई।

घरों में तड़प-तड़प कर मर गए

कोविड अस्पताल फु ल हो गया। इस कारण एडमिशन तक बंद कर दिए। अस्पतालों की चौखट में कई मरीजों की सांसे थम कई। कई मरीजों का घरों पर इलाज चला, लेकिन वहां भी उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। कई मरीजों का घरों पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। मुक्तिधामों में जगह नहीं मिली। वेटिंग से अंतिम संस्कार हुए। आए दिन प्लांट्स तक जवाब दे गए। जिला प्रशासन की नींद तक उड़ गई।

जीवनरक्षक दवाइयां तक खत्म हो गई

इस माह में वेन्टिलेटर व ऑक्सीजन की कमी वाले मरीजों को जीवनरक्षक दवाइयां तक नहीं मिली। रेमडेसिविर इंजेक्शन, टोसिलीजूमेब इंजेक्शन, फेबी फ्लू टेबलेट तक खत्म हो गए।

जांचों का काम भी फेल हो गया

चिकित्सा विभाग की ओर से सेम्पलों का कार्य 4 हजार पार पहुंचा दिया। इसके चलते मशीनें कम पड़ गई। मरीजों के समय पर सेम्पल नहीं लगने पर दो से तीन बार जयपुर भिजवाने पड़े। पांच-पांच दिनों में मरीजों की जांच मिल सके। होम आइसोलेट मरीजों को समय पर दवाइयां तक नहीं मिल सकी।

762 नए मरीज मिले, 4 मरीज की मौत

चिकित्सा विभाग के अनुसार, शुक्रवार को 762 नए संक्रमित मरीज मिले है और 4 मरीजों की मौत हुई है। जबकि कोविड अस्पताल में 21 मरीजों की मौत हुई है। नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि अस्पताल में 527 मरीज भर्ती है। इनमें से 487 मरीज ऑक्सीजन पर है। 130 मरीज आईसीयू में है।

अस्पतालों में उपचार नहीं मिला, मौत खींच ले गई

पीपल्दा बालिका स्कूल में कार्यरत शिक्षक कन्हैयालाल मीणा ने बताया कि उनके मित्र की मां बूंदी जिले के ख्यावदा गांव निवासी जमनाबाई (60) कोविड होने के बाद गुरुवार को सुबह 9 बजे ऑक्सीजन की कमी होने लगी। उन्हें परिजन उन्हें सात अस्पतालों में लेकर घूमे, लेकिन कहीं भी वेन्टिलेटर व ऑक्सीजन नहीं मिला। कंट्रोल रुम पर सम्पर्क किया। वहां बजरंगनगर में एक निजी अस्पताल में बेड खाली। वहां पहुंचे तो बेड खाली नहीं मिला। उसके बाद वे बूंदी रवाना हो गए। बूंदी जिला अस्पताल में उन्हें ऑक्सीजन मिला, लेकिन उनका ऑक्सीजन का लेवल 36 पर पहुंच गया। 20 मिनट बाद ही उनकी सांसे थम गई।

पिछले साल 5 अप्रेल से 31 मार्च 2021 तक ये थी कोरोना की स्थिति

कुल सैम्पल- 428838- कुल पॉजिटिव- 21493-( संक्रमण दर 5.01)- कुल मौत- 169- (डेथ रेट 0.78 प्रतिशत )- रिकवर्ड- 20587 (रिकवर दर -95.78 प्रतिशत)- एक्टिव केस- 737 (एक्टिव केस 3.42 प्रतिशत)----

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