कोटा. कोटड़ी क्षेत्र में दाधीच समाज के छात्रावास परिसर में दो दिवसीय ज्योतिष व वास्तु सम्मेलन सम्पन्न हो गया। सम्मेलन में विभिन्न स्थानों के ज्योतिष एवं विद्वानों ने देशकी विभिन्न समस्याओं ज्व, संस्कृति सामाजिक जीवन में बदलाव, विवाह, गृह दशा समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा कर अपने विचार व्यक्त किए।
लाल किताब विशेषज्ञ जीडी वशिष्ठ ने कहा कि घर के निर्माण में भी कुंडली में ग्रहों की िस्थति महत्वपूर्ण होती है। सुख-समृदि्ध व शांति के लिए कुंडली के आधार पर घर का निर्माण करना चाहिए। जो ग्रह जिस भाव में बैठा है उसी के अनुसार घर का वास्तु होना चाहिए।
मुख्य वक्ता भविष्यवक्ता डॉ. अनीष व्यास ने कहा कि ज्योतिष और कुंडली में समस्याओं का समाधान मिलता है,लेकिन उपाय ग्रहों के आधार पर करने चाहिए। मन की िस्थरता के लिए भगवान शिव की प्रतिमा पर शहद का लेपन करने का सुझाव दिया। एलर्जी व इंफेक्शन से बचने के लिए बुध ग्रह संबंधी उपाय करने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि कुंडली का सटीक विश्लेषण किया जाए तो ज्योतिष में सभी समस्याओं का समाधान है। ज्योतिषीय मार्गदर्शन से भाग्य के रास्ते खुल सकते हैं।
आशीष दाधीच, खुशबू दाधीच, पंकज कुमार, शैलेंद्र कुमार, सतीश शर्मा, दिलीप अवस्थी, जया शर्मा, संत कमल किशोर व अन्य ने भी संबोधित किया।अथर्व आदित्य ज्योतिष सेवा संस्थान के अध्यक्ष आदित्य शास्त्री ने बताया कि समापन समारोह में वशिष्ठ एवं व्यास को सर्वश्रेष्ठ ज्योतिष पुरस्कार -2022 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता अमित धारीवाल ने कहा कि ज्योतिषीय मार्गदर्शन व्यक्ति को सही दिशा दे सकता है।
विवाह व सुखी जीवन पर रखे विचार
इससे पहले सम्मेलन में पहले दिन ज्योतिर्विदों ने विवाह व सुखी जीवन पर विचार व्यक्त किए। अजय झांबी ने कहा कि रिश्ते में मंगल ग्रह का विचार अवश्य करें। कार्यक्रम के संयोजक आदित्य शास्त्री ने कहा कि ज्योतिष का कार्य आत्मविश्वास बढ़ाना व प्रसन्नता देना है। कोई भी ज्योतिषीय परामर्श लेने आए तो निराश नहीं करें। उसके चेहरे पर प्रसन्नता आनी चाहिए। अनिता बंसल ने जीवन में अंकों का महत्व बताया। ज्योतिष सम्मेलन स्थानीय व अन्य स्थानों के करीब डेढ़ सौ ज्योतिषाचार्य आए।