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तीस बरस बाद शनि आ रहे हैं अपनी राशि मे,कुंभ ,मिथुन और तुला राशि वाले सावधान ! कर्मो के हिसाब से देंगे बुरे और सच्चे काम का फल,

कुछ राशियां साढ़े साती व ढय्या से मुक्त होगी तो कुछ इसकी जद में आएगी।  

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कोटा

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Suraksha Rajora

Jan 07, 2020

तीस बरस बाद शनि आ रहे हैं अपनी राशि मे, कुंभ ,मिथुन और तुला राशि वाले सावधान ! कर्मो के हिसाब से देंगे  बुरे और सच्चे काम का फल,

तीस बरस बाद शनि आ रहे हैं अपनी राशि मे, कुंभ ,मिथुन और तुला राशि वाले सावधान ! कर्मो के हिसाब से देंगे बुरे और सच्चे काम का फल,

कोटा . नवग्रह में शनि काे न्यायाधीश माना जाता है। यह व्यक्ति के उनके अच्छे बुरे कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। न्यायाधीश शनि 24 जनवरी को धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। हर राशि के व्यक्ति के उसके कर्मों के हिसाब से अच्छा बुरा फल भी देंगे। कुछ राशियां साढ़े साती व ढय्या से मुक्त होगी तो कुछ इसकी जद में आएगी।

ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि वैसे तो शनि ढाई साल बाद राशि बदल रहे है। लेकिन यह 30 साल बाद अपनी स्व राशि में आ रहे है। शनि के इस राशि परिवर्तन से वृश्चिक राशि शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव से मुक्त हो जाएगा। वृष व कन्या राशि को भी शनि की ढय्या से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का प्रथम चरण प्रारंभ हो जाएगा। मिथुन व तुला राशि पर शनि की ढय्या प्रारंभ होगी। धनु व मकर राशि पर पहले से ही साढ़ेसाती चल रही है। ऐसे में धनु राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण तथा मकर राशि पर साढ़ेसाती का मध्य चरण होगा।

मेष: करियर में सफलता हासिल होगी। नौकरी में पदोन्नति के प्रबल आसार दिखाई दे रहे हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को मेहनत का फल मिलेगा।

वृष: शनि की ढैय्या का साया हट जायेगा। जिससे लंबे समय से रूके हुए कार्य फिर से बनने लगेंगे। लेकिन राजकीय कार्य के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी।

मिथुन: इस राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जायेगी। जिसके प्रभाव से आपको कष्ट हो सकता है। इस दौरान कोई भी निर्णय सोच समझकर ही लें। काम काज का प्रेशर बढ़गा।

कर्क: मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी।रुके धन की प्रप्ति होगी,।प्रॉपर्टी में लाभ,लॉटरी लगेगी।


सिंह: दुश्मनों से सतर्क रहना होगा। कार्यक्षेत्र पर हर काम बड़े ही सावधानी से करने की जरूरत पड़ेगी। बिजनेस पार्टनर आपको धोखा दे सकता है।

कन्या: शनि के राशि गोचर के साथ ही आपके ऊपर शनि ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जायेगा। ऑफिस से आपको विदेश जाने का मौका मिल सकता है। साझेदारी के काम में थोड़ा सावधान रहें।

तुला: शनि के ढैय्या शुरू होगा। शनि आपके चतुर्थ भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। जिससे कार्यस्थल पर बेवजह के विवादों का सामना करना पड़ सकता है। विदेश में जाकर नौकरी करने की इच्छा पूरी होती दिखाई दे रही है।

वृश्चिक: इस वर्ष आपको शनि साढ़े साती से मुक्ति मिल जायेगी। जिससे आपको इस वर्ष थोड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है। पार्टनरशिप में कोई काम शुरू कर सकते हैं। लेकिन लव लाइफ में भूचाल आ सकता है।

धनु: शनि आपकी राशि के दूसरे भाव में गोचर करेंगे। जिससे आपकी वित्त स्थिति मजबूत रहेगी। लव लाइफ में तनाव उत्पन्न हो सकते हैं। हेल्थ का विशेष ध्यान रखने की जरूरत पड़ेगी। ब्लड प्रेशर के मरीज बन सकते हैं।

मकर: साढ़े साती का दूसरा चरण शुरू हो जायेगा। जो आपके कष्टों में बढ़ोतरी कर सकता है। नौकरी वाले जातकों को कार्यस्थल पर अपने प्रतिद्वंदियों के कारण परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बिजनेस वालों के लिए भी शनि का गोचर शुभ नहीं माना जा रहा।

कुंभ: शनि साढ़े साती का प्रथम चरण शुरू होगा। जो आपके लिए कष्टकारी साबित हो सकता है। अपने खर्चों पर काबू रखें नहीं तो आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है।

मीन: आपके लिए ये वर्ष शानदार साबित होगा। नौकरी में प्रमोशन के जबरदस्त योग बन रहे हैं। बिजनेस पार्टनर के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के आने से तनाव उत्पन्न हो सकते हैं। हेल्थ के लिहाज से ये समय अच्छा रहेगा।

ये करे उपाय

ज्योतिषाचार्य अमित जैन बताते हैं जिन राशियों पर शनि की ढैया और साढ़ेसाती है वे छोटे-छोटे उपायों से शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं। शनि न्याय के देवता हैं, इसलिए कर्म प्रधानता समझनी होगी। शनिवार को लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर अपना चेहरा देखें और तेल दान करें। काली उड़द की दाल की खिचड़ी बनाकर बांटें। काला कपड़ा, काला कंबल, लोहे के बर्तन दान करें। शनि के मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप रोज शाम को 3 माला का जाप करें। शनिवार शाम को सरसों के तेल का दिया पीपल के नीचे जलाएं और पीपल की सात परिक्रमा करें।