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Ayushman Bharat Digital Mission: आभा आईडी से डिजिटल होगी मेडिकल हिस्ट्री

मेडिकल संस्थानों की 85% कोटा एमबीबीएस बीडीएस सीटों के लिए स्टेट काउंसलिंग की प्रक्रिया 21 अगस्त से प्रारंभ की जाएगी

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कोटा

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Abhishek Gupta

Aug 07, 2024

aaba card

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ‘आभा आईडी बनाओ, डिजिटल हो जाओ’ अभियान में प्रत्येक नागरिक की आभा (आयुष्मान भारत हैल्थ अकाउंट) आईडी बनाई जा रही

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ‘आभा आईडी बनाओ, डिजिटल हो जाओ’ अभियान में प्रत्येक नागरिक की आभा (आयुष्मान भारत हैल्थ अकाउंट) आईडी बनाई जा रही है। इसमें डिजिटल रूप में व्यक्ति का स्वास्थ्य रेकॉर्ड मौजूद रहेगा। जिले की अनुमानित आबादी 22 लाख 63 हजार में से अब तक करीब 8 लाख 24 हजार की आभा आईडी बन पाई है और 36 फीसदी लक्ष्य हासिल हुआ है। प्रदेश की बात करें तो 7 करोड़ 95 लाख 02 हजार 477 आबादी में से 3 करोड़ 79 लाख 87 हजार 554 आबादी की ही आभा आईडी बन पाई है। 44 फीसदी लक्ष्य हासिल हो सका है।

मरीजों को पुराने पर्चे की जरूरत नहीं

जिनके पास 14 अंकों की आभा आईडी होगी। उसकी चिकित्सक को रिपोर्ट दिखाने से लेकर अन्य रिपोर्ट अपलोड रहेगी। डॉक्टर के पास जाने पर बार-बार डॉक्टर्स की पर्ची लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे व्यक्ति को अनावश्यक कागजात का रिकॉर्ड संभाल कर नहीं रखना पड़ेगा। इसे एक क्लिक पर पुरानी रिपोर्ट्स को डाउनलोड किया जा सकता है। मिशन के तहत सभी निजी और सरकारी डायग्नोस्टिक लैब को एबीडीएम कम्प्लायंट लैब मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे मरीज कहीं भी इलाज कराए, उसकी मेडिकल हिस्ट्री उसके आभा अकाउंट पर मिल जाएगी।

इसमें ब्लड ग्रुप, बीमारी या सेहत संबंधी परेशानी, दवाई और डॉक्टर से रिलेटेड सभी जानकारी मौजूद होगी। सभी मेडिकल रेकॉर्ड जैसे लैब रिपोर्ट, नुस्खे और डायग्नोसिस दिखा सकेंगे। ऑनलाइन इलाज, टेली मेडिसिन, निजी डॉक्टर, ई-फार्मेसी और पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं मिल जाएगी। इस कार्ड से बीमा कंपनियों को जोड़ा गया है ताकि मेडिकल रेकॉर्ड को अस्पताल, क्लीनिक और इंश्योरेंस कंपनी के साथ आसानी से शेयर किया जा सके।

लाभार्थी स्वयं भी आभा आईडी बना सकता है। ये अकाउंट मोबाइल में भी आराम से जनरेट हो जाएगा। स्वास्थ्य कार्मिकों को आभा आईडी बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ