
हाड़ा राजाओं की राजधानी कोटा... यूं तो देश दुनियां में कोचिंग संस्थानों के लिए जानी जाती है, लेकिन इसकी एक और पहचान है। चम्बल नदी और उस नदी के किनारे बने बेहद खूबसूरत प्राकृतिक स्थान।

चम्बल की लहरें जब कोटा की पथरीली जमीन से टकराती हैं तो कहीं खूबसूरत झरनों तो कहीं खूबसूरत रॉक आर्ट की शक्ल ले लेती हैं।

पूरे देश को परमाणु ऊर्जा से जगमगाने के लिए विख्यात रावतभाटा भी इसी चम्बल नदी के किनारे बसा है।

रावत भाटा से महज 3 किमी दूर स्थित है, बेहद सुरम्य स्थल चूलिया फॉल।

सदियों से चम्बल का पानी इस इलाके के पत्थरों से टकराकर उन्हें खूबसूरत आकृतियों में बदलने में जुटा है।

इसी का एक खूबसूरत नजारा आपके सामने मौजूद है।

बरसात के दिनों में तो इस जगह की खूबसूरती जन्नत से कम नहीं होती।

हालांकि बाकी दिनों में भी यहां का नजारा बेहद खास और मनमोहक होता है।

यहां आने के बाद पर्यटकों का जाने का मन नहीं करता और वह चूलिया फॉल की इन खूबसूरत वादियों में खोकर रह जाते हैं।

हालांकि प्रकृति की इस बनाई इस बेहद खूबसूरत जगह के बारे में अभी कम ही लोगों को जानकारी है।

लेकिन, जिन्हें पता है वह इस जगह पर आए बिना खुद को नहीं रोक पाते।

इस जगह तक पहुंचने के लिए निजी वाहन के अलावा कोई साधन नहीं है। इसलिए जब भी चूलिया फॉल देखने जाना चाहें, अपना वाहन लेकर ही जाएं।

चूलिया फाल की ये बेहद खूबसूरत तस्वीरें खीचीं हैं राजस्थान पत्रिका के छायाकार नीरज गौतम ने।

चम्बल की बेहद खूबसूरत वादियां और उन वादियों में बनी पत्थर की प्राकृतिक कलाकृतियां देखकर आपका दिल यहां आने के लिए मचल उठेगा। आइए हम आपको लेकर चलते हैं एक ऐसी ही जगह, जिसके बारे में आपने शायद ही कभी सुना या देखा होगा।