
कोटा में इमानुअल संस्थान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 79 बच्चों कराया आजाद, हॉस्टल संचालकों ने रातों-रात गायब किए 621 बच्चे
कोटा . हाईकोर्ट के निर्देश पर बाल कल्याण समिति एवं बाल अधिकारिता विभाग जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में इमानुअल संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की गई। कैथून स्थित रायपुरा में संस्थान के दो हॉस्टल में अवैध रूप से रखे गए निराश्रित बच्चों को रेस्क्यू कर मुक्त कराया गया। अभी तक 62 लड़के और 17 लड़कियों को मुक्त कराया जा चुका है। फिलहाल कार्रवाई जारी है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि इमानुअल संस्थान के रायपुरा में बालक-बालिकाओं के दो अलग-अलग हॉस्टिल हैं। जहां करीब 350 से 400 बच्चों के होने की संभावना है। हॉस्टल में 700 बच्चे नामांकित हैं। कार्रवाई के दौरान 79 बच्चे ही हॉस्टल में मिले हैं। ऐसे में शेष रहे बच्चे कहां है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। बाल कल्याण व जिला अधिकारिता विभाग संस्थान के सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। मुक्त कराए बच्चों का मेडिकल करवाकर शहर की पंजीकृत करणी नगर विकास समिति, चाइल्ड लाइन सहित कई संस्थाओं में भेजा जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से हॉस्टलों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। बाल कल्याण समिति के डायरेक्टर हर्षित गौतम ने बताया कि टीम कार्रवाई के बाद यहां से रेलवे स्टेशन के डड़वाड़ा इलाके में स्थित इमानुअल हॉस्टल पर कार्रवाई को जाएगी।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश गुरु बख्शानी ने बताया कि पूर्व में बाल कल्याण समिति कोटा द्वारा इमानुअल सोसायटी के हॉस्टल को सीज करने की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी थी। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि इम्मानुअल सोसायटी के हॉस्टल में बेसहारा बच्चों के अवैध रूप से रखा गया है। संस्थान का हॉस्टल बाल कल्याण समिति के पंजीकरण के बिना चल रहा है। इसलिए संस्थान के बच्चों को तत्काल किसी सरकारी पंजीकृत गृहों में भेजा जाए और उन्हें वहां पर सुरक्षा, सुविधा व देखभाल मुहैया कराए जाएं। अनाथ और बेसहारा बच्चों को हॉस्टल या स्कूल में रखने के लिए बाल कल्याण समिति में पंजीयन कराना अनिवार्य है।
Published on:
19 May 2018 02:13 pm
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