
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया करीब 1100 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास
बूंदी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिण्डोली में शनिवार को करीब 11 सौ करोड़ की योजनाओं के शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने समारोह में मंच से दो बड़ी घोषणाएं की। इसमें एक प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को कोरोनाकाल में हुई परेशानी को देखते हुए दो साल आयु सीमा में छूट देने की घोषणा की। दूसरी ईआरसीपी योजना को हर हाल में पूरी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में युवाओं की पढ़ाई का भी काफी नुकसान हुआ है। साथ ही कई अभ्यर्थी इस समय में आयु सीमा पार कर गए हैं। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में दो साल आयु सीमा की छूट दी जाएगी। जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
हर हाल में पूरी होगी ईआरसीपी
गहलोत ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को चाहे केन्द्र सरकार बंद कर दे, लेकिन राज्य सरकार इसे पूरा जरूर करेगी। राजस्थान को सिंचाई की बहुत आवश्यकता है। ऐसे में यह परियोजना हर हाल में पूरी होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इसे बंद करने के लिए लिखित में दे दिया, लेकिन हम इसे राष्ट्रीय योजना घोषित करने और समय सीमा में इसे पूरा करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री से भी बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से कोटा, बूंदी, झालावाड़ सहित 13 जिलों की 2.8 लाख हैक्टेयर जमीन को लाभ मिलेगा।
हम योजना चलाते हैं, बीजेपी सरकार बंद कर देती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम योजनाएं चालू करते हैं और बीजेपी सरकार आते ही वह बंद हो जाती है। इसका एक उदाहरण रतलाम-डूंगरपुर रेल लाइन भी है। केन्द्र सरकार वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर रही। न युवाओं को रोजगार मिला, न कालाधन आया और न ही खातों में 15 लाख रुपए आए। हमारी सरकार जो वादे कर रही है, उन्हें पूरा भी किया जा रहा है।
आपदा पीडि़त परिवार के सदस्य को मिलेगी नौकरी
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ प्राकृतिक आपदा में पीडि़त परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद पहले भी यह घोषणा की थी। कुछ लोगों को नौकरी भी दे दी गई, लेकिन सरकार बदली तो इसे बंद कर दिया और जिन्हें नौकरी दी, उन्हें भी निकाल दिया। अब इसे दुबारा शुरू करेंगे। जिससे पीडि़तों को राहत मिल सके। उन्होंने राज्यमंत्री अशोक चांदना की ओर से की गई मांगों पर हिण्डोली में आइटीआई कॉलेज का नाम डॉ भीमराव अम्बेडकर करने और कृषि मंडी का नाम यहां के पूर्व प्रधान रघुनाथ मीणा के नाम पर करने की बात कही।
महिलाओं को बनाया परिवार का मुखिया, अब देंगे स्मार्टफोन
गहलोत ने कहा कि महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाया गया है। इनके कार्ड भी बन गए हैं। अब महिलाओं को नि:शुल्क स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिसमें तीन साल का इंटरनेट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गरीब तबके के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में परेशानी नहीं होगी।
अगला बजट युवाओं और छात्राओं के नाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि बजट को अलग से पेश करने की हमारी पहल रही। इससे किसानों को लाभ भी मिला। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा जाता है। अब अगला बजट युवाओं और छात्राओं के नाम होगा। उन्होंने कहा कि मेरी कलम से युवाओं और छात्राओं के लिए जो अधिक से अधिक अच्छा हो सकेगा, वह लिखा जाएगा।
यह भी रहे मौजूद
शिलान्यास कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, जलदाय विभाग मंत्री महेश जोशी, उच्च शिक्षा मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, कृषि एवं पशुपालन विभाग मंत्री लालचंद कटारिया, खेल, युवा एवं जनसम्पर्क सूचना मंत्री अशोक चांदना, पीपल्दा विधायक रामनारायण मीणा, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा, आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, जिला प्रमुख चंद्रावती कंवर आदि मौजूद थे।
Published on:
30 Jul 2022 07:50 pm
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