कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए जरूरी उपाय जैसे मास्क लगाना, सेनेटाइजर का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग ने प्रदेश में स्वाइन फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी को भी कंट्रोल कर दिया। राजस्थान में वर्ष 2019 एवं इससे पहले के वर्षों में स्वाइन फ्लू का कहर बरपा था। हजारों लोग संक्रमित हुए थे और सैकड़ों की जान चली गई थी, लेकिन वर्ष 2020 यानी कोरोना काल के बीते साल में संक्रमण की चेन तोडऩे की खातिर लॉकडाउन एवं उसके बाद जारी गाइड लाइन की पालना में सरकार से लेकर जनता तक पूरी तरह सतर्क रही। यही वजह रही कि बीते साल में प्रदेश में स्वाइन फ्लू पैर पसार ही नहीं पाया। वर्ष 2020 में राजस्थान में 116 पॉजीटिव मरीजों में से केवल एक मरीज की मौत की पुष्टि स्वाइन फ्लू से हुई, जबकि वर्ष 2019 में 208 एवं 2018 में 221 मरीजों की मौत स्वाइन फ्लू से हो गई थी।