OMG! यह कैसा सौदा, ऑर्डर लिया और एडवांस पैसे भी लिए फिर सप्लाई से पहले बढ़ा दी कीमतें

कॉलेज आयुक्तालय ने नई बायोमेट्रिक मशीनें लगावाने का फरमान जारी कर दिया है और राजकॉम्प ने मशीनों की कीमतें 1178 रुपए बढ़ा दी।

By: ​Zuber Khan

Published: 10 Feb 2018, 07:48 PM IST

कोटा . कॉलेज आयुक्तालय ने प्रदेश के 219 राजकीय महाविद्यालयों और आयुक्तालय से जुड़े दफ्तरों में दो साल पहले 45 लाख की कीमत से लगी बायोमेट्रिक मशीनों को बदल आरएएएस सॉफ्टवेयर पर आधारित नई बायोमेट्रिक मशीनें लगावाने का फरमान जारी कर दिया है। नई मशीनों पर फिर से 48.54 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं। नई मशीनों का ठेका राजकॉम्प को दिया गया है। खास बात ये कि बीच खरीद प्रक्रिया राजकॉम्प ने मशीनों की कीमतें 1178 रुपए बढ़ा दी।

 

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आयुक्तालय ने बढ़ी कीमत के बारे में कुछ नहीं कहा, नतीजा ये कि पहले तय कीमत जमा कराने के बाद भी कॉलेजों को मशीनें नहीं मिल रही। कुलाधिपति ने शैक्षणिक सत्र 2015-16 में सभी राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश के 219 राजकीय महाविद्यालयों में कॉलेज विकास और छात्र विकास निधि से बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गईं। कॉलेजों में औसतन 9 हजार रुपए की दो से तीन मशीनें लगी।

 

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प्रदेश भर में 45 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हुए। प्रदेश के 6 सहायक निदेशक कार्यालयों और कॉलेज आयुक्तालय में भी अन्य मदों से बायोमेट्रिक मशीनों का इंतजाम हुआ। दो साल भी नहीं बीते कि 24 जनवरी को कॉलेज शिक्षा आयुक्त आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने पुरानी मशीनों की जगह प्रदेश सरकार द्वारा विकसित आरएएएस सॉफ्टवेयर पर आधारित हाईटेक बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का फरमान जारी कर दिया।

 

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5 दिन में ही बढ़ी कीमत
आयुक्त ने 542 बायोमेट्रिक मशीनें लगाने, उन्हें आरएएएस सॉफ्टवेयर से जोडऩे और देखभाल करने का ठेका राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड को दे दिया। साथ ही 8426.40 रुपए प्रति बायोमेट्रिक मशीन के हिसाब से 28 जनवरी तक छात्र एवं कॉलेज विकास निधि से पैसा राजकॉम्प को ट्रांसफर करने के भी आदेश दिए। लेकिन, आयुक्तालय का आदेश आने के 5 दिन बाद राजकॉम्प ने इन मशीनों की कीमत 400 रुपए बढ़ा दी।

 

पैसे भेजकर फंसे कॉलेज
राजकॉम्प के प्रोजेक्ट ओआईसी डॉ. हंसराज यादव ने 29 जनवरी को आयुक्तालय को 1000 मशीनों का स्टेटमेंट ऑफ एस्टीमेटिड एक्सपेंडीचर (एसओईई) भेजा। इसमें एक मशीन की कीमत में 400 रुपए बढ़ा दी। हर मशीन के साथ 778.80 रुपए की कीमत का वॉल माउंटेड रूज केस भी जोड़ दिया। इससे कीमत में 1178 रुपए का इजाफा हो गया। सभी कॉलेज पुरानी कीमत के आधार पर पहले ही पैसा भेज चुके। 30 जनवरी को राजकॉम्प ने यह चिट्टी सभी कॉलेजों को भी सीधे भेज दी। इधर, आयुक्तालय ने बढ़ी कीमत के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया। ऐसे में महाविद्यालय असमंजस में हैं, राजकॉम्प पुरानी कीमत पर मशीनें देने को तैयार नहीं और कॉलेज विकास निधि से एक ही मद में दोबारा पैसा निकालने की स्थिति में नहीं है।

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