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कार्यकर्ताओं को उनकी पहुंच के हिसाब से शहर और देहात संगठन में पद देने का काम शुरू कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में पार्टी से जुड़े विभिन्न मोर्चों में दो दर्जन कार्यकर्ताओं को पद देकर उपकृत किया गया है। कार्यकर्ताओं को लुभाने के लिए कई पद सृजित किए जा रहे हैं। हालांकि अभी भी नगर विकास न्यास में ट्रस्टियों तथा नगर निगम में सहवरित पार्षदों की नियुक्ति अटकी पड़ी है। सहवरित पार्षदों के नामों की सूची पार्टी के प्रदेश मुख्यालय भेजी जा चुकी है।
गुस्से में हैं कार्यकर्ता
सत्ता और संगठन में कोटा की उपेक्षा का मसला पिछले चार साल में कई बार उठ चुका है। राज्य मंत्रिमण्डल में कोटा को कोई तवज्जो नहीं मिली। अब कोटा के वरिष्ठ नेताओं को संगठन में पद देने की चर्चा चल रही है। इसी के मद्देनजर पिछले दिनों पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री ने कोटा आकर वरिष्ठ नेताओं व विधायकों की नब्ज टटोली थी। संगठन महामंत्री को फीडबैक मिल चुका है कि कार्यकर्ता अपनी उपेक्षा से गुस्से में हैं। यदि कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक पद नहीं मिला तो आगामी चुनाव में नुकसान हो सकता है। इसके बाद संगठन में पद देने का काम शुरू कर दिया है।
उपाध्यक्ष पद खाली, प्रयास शुरू
हाल ही भाजपा देहात में विधायक खेमे से उपाध्यक्ष बनाया गया है। आईटी सेल में मण्डल स्तर पर नियुक्तियां की गई हैं। शहर के जिन मण्डलों में अभी तक कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ है, शहर अध्यक्ष ने एक सप्ताह में कार्यकारिणी घोषित करने को कहा है। शहर कार्यकारिणी के एक उपाध्यक्ष की सरकारी नौकरी लगने के कारण यह पद खाली हुआ है। इसलिए विधायक अपने-अपने खेमे के कार्यकर्ता को जगह दिलाने के प्रयास में जुट गए हैं।
नहीं बन रही है सहमति
मोर्चा में अभी तक शहर अध्यक्ष का पद खाली चल रहा है। युवा कार्यकर्ताओं के लिए यह पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन सहमति नहीं बनने से अटका पड़ा है। पिछले दिनों मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अशोक सैनी ने जल्द ही शहर अध्यक्ष के नाम की घोषणा करने की बात कही थी, लेकिन सहमति नहीं बनने से प्रदेश स्तर पर यह मामला अटक गया।
Published on:
09 Nov 2017 02:36 pm
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