
कोटा .
बहुप्रतीक्षित 135 करोड़ की लागत की बोराबास-पदमपुरा पेयजल योजना का काम अंतिम चरण में है। पाइप लाइन की टेस्टिंग चल रही है। इसी माह रानपुर की टंकी भरने के बाद चम्बल का पानी लोगों की प्यास बुझाएगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र के बरसों पुराने पेयजल संकट से भी अब लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। लाडपुरा विधायक भवानीसिंह राजावत ने जलदाय विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की बैठक लेने के बाद यह जानकारी दी। विधायक ने बताया कि चम्बल का पानी अकेलगढ़ से फोरलेन बाइपास होता हुआ डाढ़ देवी रोड पहुंचेगा, जहां यूआईटी की फार्म हाउस योजना के पास नए पम्प हाउस को निर्माण किया जाएगा। मण्डाना में फरवरी तक चम्बल का पानी पहुंचेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गर्मी से पहले ही पेयजल संकट दूर करने की तैयारी कर लें।
बैठक में उप महापौर सुनीता व्यास, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता हेमन्त कुमार, अधिशाषी अभियंता प्रकाश जैन, अरविंद खींची, नरेन्द्र मोहन गुप्ता, पंचायत समिति सदस्य संजीत गुर्जर, पार्षद भगवान स्वरूप गौतम, कृष्णमुरारी सामरिया, जगदीश मोहिल आदि प्रमुख थे। योजना के अधिशाषी अभियंता प्रकाश जैन ने बताया कि कोटा-झालावाड़ फोरलेन निर्माण के कारण पेयजल योजना की पाइप लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं कुछ स्थानों पर सड़क निर्माण के कारण काम अटक गया। इस कारण मण्डाना तक पेयजल पहुंचाने में विलम्ब हो रहा है। पाइप लाइन मरम्मत के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव फोरलेन निर्माता कम्पनी को भेजा गया है।
18 करोड़ लागत से पाइप लाइन बिछेगी : औद्योगिक क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से अमृत योजना में नई पाइप लाइन बिछेगी और डाढ़ देवी के पम्प हाउस से औद्योगिक क्षेत्र के इन्द्रागांधी नगर, श्रीराम नगर, प्रेमनगर, गोविन्द नगर, कंसुआ, सूर्य नगर, सूरसागर, वॉम्बे योजना लोगों को पानी मिल सकेगा।
Published on:
14 Jan 2018 07:06 pm
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