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इंजेक्शन लगा और कुछ घंटों में बुझ गई 10 साल के कुलदीप की जिंदगी

बुखार के उपचार के बाद बिगड़ी तबीयत, उल्टियां और लूज मोशन के बाद मौत, परिजनों ने क्लीनिक में इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ने का लगाया आरोप
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Kota News

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मंडाना थाना क्षेत्र में बुखार से पीड़ित 10 वर्षीय बच्चे की इंजेक्शन लगने के कुछ घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव में संचालित एक क्लीनिक पर इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं और लूज मोशन हो गए। हालत गंभीर होने पर उसे मंडाना ले जाया गया, जहां से कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मंडाना थाने के एएसआइ कमल सिंह ने बताया कि मांदलिया गांव निवासी कुलदीप (10) की मौत हुई है। बच्चे को बुखार आने पर उसकी मां उसे उपचार के लिए क्लीनिक पर लेकर गई थी। परिजनों के अनुसार, वहां क्लीनिक संचालक ने उसे इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

13 अगस्त को आया था बुखार

कुलदीप के बड़े भाई (ताऊ के बेटे) दिनेश ने बताया कि वह 7वीं कक्षा में पढ़ता था और जगपुरा स्थित हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। 9 अगस्त को हरियाली अमावस्या के अवसर पर वह हॉस्टल से अपने गांव मांदलिया आया था। 13 अगस्त को उसे बुखार आया। अगले दिन 14 अगस्त की शाम परिजन उसे गांव में ही संचालित क्लीनिक पर लेकर गए थे।

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत

परिजनों के मुताबिक, क्लीनिक में इंजेक्शन लगाने के बाद कुलदीप को अचानक उल्टियां होने लगीं और लूज मोशन हो गए। हालत बिगड़ने पर उसे मंडाना ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने उसे कोटा रेफर कर दिया। शुक्रवार रात करीब 8 बजे परिजन उसे न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। कुछ देर बाद ड्यूटी डॉक्टर ने जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया।

मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम

घटना के बाद न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से बच्चे का पोस्टमार्टम करवाया गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी।

तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था कुलदीप

कुलदीप तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता राजमल मजदूरी करते हैं। बच्चे की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। फिलहाल परिजनों ने इंजेक्शन लगाए जाने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि, मौत का चिकित्सकीय कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।