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सड़क किनारे बना लिए भवन, अब नहीं मिलेंगे पट्टे

- नहीं निकल रहा रास्ता, अन्य सुविधाओं से भी वंचित है आमजन

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कोटा

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Anil Sharma

Sep 30, 2021

sangod, kota

nagarpalika office

सांगोद. शहर के सुव्यवस्थित विकास को लेकर सरकार की ओर से सांगोद नगर पालिका में लागू मास्टर प्लान यहां कई लोगों के लिए परेशानी बन रहा है। सुविधाएं भले ही नहीं मिली, लेकिन मास्टर प्लान में शामिल इलाकों के लोग पट्टे से वंचित है। दो अक्टूबर से प्रदेशभर में सरकार की ओर से प्रशासन गांव व शहरों के संग अभियान शुरू होने वाला है। राज्य सरकार की मंशा शिविरों में अधिकाधिक लोगों को पट्टे जारी करने की है। यहां मास्टर प्लान इलाकों खासकर सड़क किनारे बने भवन मालिकों को पट्टे मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। बरसों से लोग पट्टों की उम्मीद लगाए बैठे लेकिन राज्य की सत्ता में आने वाली कोई भी सरकार लोगों को राहत नहीं पहुंचा पा रही। लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। पालिका के तत्कालीन बोर्ड के प्रस्ताव पर सरकार ने यहां भी मास्टर प्लान लागू कर दिया।
फिर खड़ी हो गई आफत
मास्टर प्लान के तहत सांगोद शहरी सीमा का प्लान तैयार किया गया। जिसमें शहर से निकल रहे सभी बड़े मार्गो को इसमें शामिल किया गया। ऐसे में मार्गो पर सड़क किनारे बने भवन भी मास्टर प्लान के दायरे में आ गए। शहर में मास्टर प्लान लागू होने के पहले तक सड़क किनारे निर्मित भवनों के पट्टे बनते आ रहे थे। लेकिन मास्टर प्लान लागू होने के बाद नियमों के चलते सड़क किनारे निर्मित भवनों के पट्टे बनाने पर विभाग ने रोक लगा दी।
अटक गए लोगों के काम
मास्टर प्लान के नियमों के तहत सड़क के बीच से अलग-अलग मार्गो पर ३५ से ४५ फीट की दूरी तक किसी भवन का नया निर्माण नहीं हो सकता। वहीं जो भवन मास्टर प्लान लागू होने के पूर्व के बने हुए है एवं उनके पट्टे नहीं बने, उन्हें भी नए पट्टे जारी नहीं किए जा सकते। भवन निर्माण की अनुमति भी नगर पालिका नहीं दे सकती। मास्टर प्लान के अनुरूप सुविधाएं तो मिली नहीं लेकिन लोगों के महत्वपूर्ण काम जरूर अटक रहे है।
उम्मीदों पर भारी नियम
बरसों से सड़क किनारे रह रहे लोग पट्टों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन मास्टर प्लान उनकी उम्मीदों पर भारी पड़ रहा है। पट्टे नहीं बनने से लोग बैंकों से ऋण जैसी सुविधाओं से भी वंचित है। पूर्ववती भाजपा बोर्ड ने भी लोगों की समस्या पर मास्टर प्लान का तोड़ निकालनें को लेकर प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे में यहां सिर्फ पुराने शहर से जुड़े लोगों के ही पट्टे जारी
हो पाएंगे।
& मास्टर प्लान के नियमों के तहत सड़क किनारे बने भवनों के पट्टे जारी नहीं हो सकते। निर्धारित सड़क सीमा के बाद के ही पट्टे जारी हो सकते है। लोगों की समस्या है लेकिन समाधान नगर पालिका स्तर से नहीं किया जा सकता है।
मनोज मालव अधिशासी अधिकारी