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30 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, इस जिले में 3 हजार करोड़ में बनेगा बल्क ड्रग्स पार्क

भारत माला परियोजना में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से सटे औद्योगिक क्षेत्र को बल्क ड्रग्स पार्क (फार्मा पार्क) के रूप में विकसित करने के लिए अनुकूल माना गया है। रीको ने यह पार्क विकसित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केन्द्र को भेज दिया है।

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कोटा

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Akshita Deora

Feb 08, 2024

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रणजीतसिंह सोलंकी
भारत माला परियोजना में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से सटे औद्योगिक क्षेत्र को बल्क ड्रग्स पार्क (फार्मा पार्क) के रूप में विकसित करने के लिए अनुकूल माना गया है। रीको ने यह पार्क विकसित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केन्द्र को भेज दिया है। केन्द्र की हरी झंडी मिलने पर प्रदेश का पहला बल्क ड्रग्स पार्क कोटा में विकसित हो सकेगा। इसमें तीन हजार करोड़ का निवेश की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। एक्सप्रेस वे के निकट होने से यहां देश के अन्य राज्यों से रोड कनेक्टिविटी बेहतर रहेगी। कच्चा माल आसानी से आ सकेगा। गुंदी-फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र के पास इस पार्क की जमीन चिन्हित की गई है।

जमीन को लेकर बाधा
सूत्रों ने बताया कि ड्रग्स पार्क के लिए एक हजार एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें 227 एकड़ जमीन वन भूमि की है। वन भूमि की जमीन अवाप्ति की लम्बी प्रक्रिया है। इसके अलावा इस पार्क के लिए आरक्षित जमीन में से कुछ हिस्सा ताकली बांध के विस्थापितों व अन्य कामों के लिए आवंटन की प्रक्रिया में है। हालांकि दिल्ली स्तर पर उच्च स्तरीय प्रयासों के चलते यह सब बाधाएं दूर होने की उम्मीद है।

उर्वरक मंत्रालय ने मांगे प्रस्ताव
केन्द्र सरकार ने देश में बल्क ड्रग्स पार्क स्वीकृत किए हैं। इसमें एक राजस्थान में खोला जाना है। केंद्रीय उर्वरक रसायन मंत्रालय की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव मांगे गए थे। पानी-बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के चलते ड्रग्स पार्क के लिए कोटा को अनुकूल माना गया था।
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क्या होगा ड्रग्स पार्क में
बल्क ड्रग्स पार्क में दवाइयों के लिए कच्चा माल तैयार होगा। केन्द्र सरकार के वोकल फॉर लोकल के तहत दवाइयों में काम आने वाली रॉ-मेटेरियल आधारित इकाइयां लगेंगी। अभी ज्यादातर दवाइयां में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल चीन से आयातित किया जाता है। दवा निर्माण के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ये पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

ड्रग्स पार्क का प्रस्ताव केन्द्र को भेज रखा है। यह एक हजार एकड़ में विकसित किया जाना है।
एमके शर्मा, उप महाप्रबंधक रीको
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बल्क ड्रग्स पार्क स्थापित होने पर दवा के क्षेत्र में बड़े निवेश की राह प्रशस्त होगी। यह कोटा के लिए वरदान साबित होगा। लोकसभा अध्यक्ष ने जल्द इसकी स्वीकृति दिलाने का आश्वासन दिया है।
गोविंद राम मित्तल, संस्थापक अध्यक्ष एसएसआई एसोसिएशन

दवा बनाने की 100 इकाइयां लगना प्रस्तावित
ड्रग्स पार्क में दवाइयां व इसमें काम आने वाला कच्चा माल तैयार होगा। करीब 100 इंडस्ट्रीज लगेंगी। वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत ये प्रस्ताव भेजा गया है।