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Kota: पुलिसकर्मियों से हो गई बड़ी चूक, JVVNL अधिकारी को अपराधी समझकर पकड़ा

JVVNL Officer Mistaken For Accused: कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की बड़ी चूक सामने आई है, जहां सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मियों ने JVVNL के अकाउंट अधिकारी को अपराधी समझकर पकड़ लिया। बाद में पहचान स्पष्ट होने पर उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन विरोध करने पर शांतिभंग के आरोप में पाबंद कर दिया।

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कोटा

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Akshita Deora

Apr 04, 2026

rajasthan police

राजस्थान पुलिस। पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan News: कोटा शहर के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मियों ने JVVNL अकाउंट अधिकारी को गलतफहमी में अपराधी समझकर पकड़ लिया। पहचान स्पष्ट होने के बाद छोड़ दिया गया, लेकिन विरोध करने पर शांतिभंग के आरोप में पाबंद कर दिया।

जानकारी के अनुसार बजरंग नगर निवासी प्रदीप अग्रवाल गुरुवार को एरोड्रम स्थित सब्जी मंडी पहुंचे थे। वे सामान्य रूप से खरीदारी कर रहे थे, तभी वहां चार युवक उनके पास आए और उनसे पहचान पत्र (आइडी) दिखाने को कहा। प्रदीप ने अनजान लोगों को आइडी दिखाने से इनकार कर दिया। इस पर उन युवकों ने उन्हें पकड़ लिया और जबरन तलाशी लेना शुरू कर दी। कुछ देर बाद स्पष्ट हुआ कि प्रदीप अग्रवाल वह व्यक्ति नहीं हैं, जिसकी तलाश की जा रही थी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन आरोप है कि सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान उजागर नहीं की।

इस बात से नाराज होकर प्रदीप अग्रवाल ने विरोध जताया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। घटना के बाद प्रदीप अग्रवाल शिकायत दर्ज कराने गुमानपुरा थाने पहुंचे, लेकिन उनके पीछे-पीछे वे पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि थाने में उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रदीप अग्रवाल को ही शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और कुछ समय के लिए लॉकअप में रखा गया।

मोबाइल नहीं होने से परिजन रहे परेशान

परिजनों के अनुसार प्रदीप अग्रवाल घर से बिना मोबाइल फोन के निकले थे। जब वे करीब चार घंटे तक घर नहीं लौटे तो परिवार के लोग चिंतित हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद गुमानपुरा थाने में उनके होने की जानकारी मिली। परिजन जब वहां पहुंचे तो पता चला कि उन्हें शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तो वे आक्रोशित हो गए। इसके बाद मामले की सूचना विधायक संदीप शर्मा को दी गई। विधायक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बातचीत कर मामले की जानकारी ली।

छबड़ा पुलिस की कार्रवाई का मामला

बारां जिले की छबड़ा पुलिस एक वारंटी की तलाश में कोटा आई हुई थी। लोकेशन के आधार पर वे सब्जी मंडी पहुंचे, जहां उन्हें प्रदीप अग्रवाल संदिग्ध लगे। पूछताछ और आइडी जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन बाद में उनके द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। इस संबंध में पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रदीप अग्रवाल को शांतिभंग में पाबंद किया गया।
महेश कारवाल, सीआइ गुमानपुरा थाना