
कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष एवं कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए। फोटो- पत्रिका
कोटा। हाड़ौती क्षेत्र को कनेक्टिविटी और विकास में नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना का सौगात मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड स्थित ढीपरी चम्बल और बूंदी जिले के चाणदा खुर्द के बीच चम्बल नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित 256 करोड़ रुपए के उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हाईलेवल ब्रिज के साथ सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। इस मौके पर बिरला ने कहा कि इस पुल के साथ कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों के कारण वर्षों से अटकी हुई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है।
चम्बल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। इससे एग्रो इंडस्ट्री की तस्वीर भी बदलेगी। झरेल पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा और मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
बिरला ने कहा कि ढीपरी पुल बनने के बाद एक्सप्रेस-वे तक पहुंच आसान होगी। साथ ही दिल्ली की दूरी लगभग 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंच लगभग 3.30 घंटे रह जाएगी। श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और भविष्य में यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ जाएगा। बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे, इस लक्ष्य से काम किया जा रहा है। नौनेरा डेम के माध्यम से हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा, जिससे माताओं और बहनों को विशेष लाभ मिलेगा।
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि चम्बल का पानी अलवर तक पहुंचेगा, लेकिन डबल इंजन सरकार की ताकत से यह संभव हो रहा है। लगभग 78 हजार करोड़ रुपए की लागत से राम जल सेतु (पीकेसी-ईआरसीपी) परियोजना के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब वह दिन दूर नहीं जब हमारे किसानों के खेत भी सरसब्ज होंगे।
कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और गरीबों को मुआवजा दिलाना सरकार का संकल्प है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नकली खाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 127 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और भविष्य में केंद्र सरकार सख्त कानून लाने वाली है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि फसल बीमा में गड़बड़ी करने वाले लोग अंजाम भुगतेंगे।
Updated on:
04 Apr 2026 09:51 pm
Published on:
04 Apr 2026 09:51 pm
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