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‘बांधों की सुरक्षा के लिए बने आयोग, देश के 20 प्रतिशत बांध 70 साल और 50 प्रतिशत बांध 50 साल पुराने’

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह ने कहा, राज्य सरकार इस पर ध्यान दे, केन्द्र सरकार सहायता करेगी      

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बांधों की सुरक्षा के लिए बने आयोग, देश के 20 प्रतिशत बांध 70 साल और 50 प्रतिशत बांध 50 साल पुराने

बांधों की सुरक्षा के लिए बने आयोग, देश के 20 प्रतिशत बांध 70 साल और 50 प्रतिशत बांध 50 साल पुराने

कोटा. केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह ने चंबल पर बने बांधों सहित देश के पुराने बांधों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, देश में ऐसा आयोग बनना चाहिए जो बांधों की सुरक्षा की चिंता करें। कोटा में बाढ़ के समय चंबल के बांधों की स्थिति को लेकर सिंह ने कहा, पिछली बारिश में बहुत चिंताजक हालात सामने आए। जब गांधी सागर के सभी गेट खोले गए और पानी तेजी से बढ़ा उस समय वे वायु मार्ग से दिल्ली आने वाले थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि गांधी सागर टूट सकता है। उस समय दिल्ली पहुंचने तक का दो घंटे का समय बहुत चिंता में निकला। दिल्ली पहुंचते ही मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार से इस बारे में बात की। वे खुद महसूस करते हैं कि बांधों की सुरक्षा पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। देश में छोटे-बड़े 5 हजार 800 से ज्यादा बांध हैं।

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70 के दशक के अंत में गुजरात के मोरवी में हुए बांध हादसे के बाद देश में इस तरह का प्रोटोकॉल बनना जरूरी हो गया है कि जिससे बांधों की सुरक्षा हो। बांधों की आयु बढ़ रही है। 20 प्रतिशत से ज्यादा बांध 70 साल से ज्यादा पुराने हैं और 50 प्रतिशत बांध ऐसे हैं जिनकी आयु 50 साल से ज्यादा हो गई है। बांधों की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल बने यह अत्यंत आवश्यक है।

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