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अब पश्चिम बंगाल में कोटा का डंका बजाएगा तुहिन

कोटा. कुछ कर दिखाने का हौसला हो तो हर बाधा अवसर में बदल जाती है। इसका बड़ा उदाहरण बना है सेरीब्रल पाल्सी से पीडि़त तुहिन डे ने। कोटा में तीन साल तक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के बाद तुहिन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी (आईआईईएसटी) शिबपुर पश्चिम बंगाल से इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करेगा।

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कोटा

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Deepak Sharma

Nov 19, 2020

tuhin day

दोनों हाथ, पैर काम नहीं करते, मुंह से लिखता है तुहिन,दोनों हाथ, पैर काम नहीं करते, मुंह से लिखता है तुहिन

कोटा. कुछ कर दिखाने का हौसला हो तो हर बाधा अवसर में बदल जाती है। इसका बड़ा उदाहरण बना है सेरीब्रल पाल्सी से पीडि़त तुहिन डे ने। कोटा में तीन साल तक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के बाद तुहिन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी (आईआईईएसटी) शिबपुर पश्चिम बंगाल से इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करेगा। तुहिन ने जेईई मेंस में कैटेगिरी रैंक 438 प्राप्त की है।

तुहिन के शरीर में ऑर्थो ग्रिपोसिस मल्टीप्लेक्स कॉन्जीनेटा विकार है, जिसमें मांसपेशियां इतनी कमजोर होती हैं कि शरीर का भार नहीं उठा सकती। तुहिन न हाथ हिला सकता है, न पैरों पर खड़ा हो सकता है। सिर्फ गर्दन से ऊपर सिर का हिस्सा सक्रिय रहता है।

तीन साल पहले दसवीं पास करने के बाद इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड की तैयारी करने अपने पैतृक नगर पश्चिम बंगाल के मिदनापुर से कोटा आए तुहिन ने शारीरिक विकारों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सामान्य विद्यार्थियों के साथ पढ़ाई की और सफ लता हासिल की। ख्यातनाम भौतिक विज्ञानी स्टीफ न हॉकिन्स को आदर्श मानने वाला तुहिन उन्हीं की तरह एस्ट्रो फिजिक्स में शोध करना चाहता है।

तुहिन मुंह से मोबाइल और कम्प्यूटर ऑपरेटर करता है। कॉपी में लिखता है। यही नहीं सामान्य विद्यार्थियों से ज्यादा बेहतर कम्प्यूटर की प्रोग्रामिंग जानता है। उसने कहा कि कोटा में जो सोचकर आया था वो सबकुछ मिला, बल्कि यहां तो उससे भी ज्यादा सपोर्ट मुझे मिला।

कोचिंग में समय-समय काउंसलिंग होती रही। मेरे लिए सामान्य बच्चों के साथ क्लास में अलग से टेबल चेयर का प्रबंध करवाया। मुझे क्लास तक लाने व ले जाने के लिए हेल्पर भी रहते थे।