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Chambal River Front…कोटा वाले चम्बल रिवर फ्रन्ट और ऑक्सीजन फ्री देख सकेंगे

चम्बल नदी की पहली बार होगी औपचारिक पूजा

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Chambal River Front...कोटा वाले चम्बल रिवर फ्रन्ट और ऑक्सीजन फ्री देख सकेंगे

Chambal River Front...कोटा वाले चम्बल रिवर फ्रन्ट और ऑक्सीजन फ्री देख सकेंगे

जयपुर, कोटा. दुनिया के सबसे बेहतरीन हैरिटेज चम्बल रिवर फ्रन्ट और ऑक्सीजोन को कोटावासी दो माह तक निशुल्क देख सकेंगे। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेसवार्ता में डवलपमेंट के कोटा मॉडल का पूरा खाका दिखाया। 2 माह तक दोनों प्रोजेक्ट में कोटा की जनता के लिए फ्री एंट्री होगी, यानी चुनाव होने तक कोई शुल्क लागू नहीं होगा। हालांकि, धारीवाल ने साफ कर दिया कि मेंटीनेंस शुल्क लेंगे, लेकिन कब से? यह नहीं बताया। यहां हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आर्किटेक्ट अनूप बरतरिया ने इसकी डिजाइन तैयार की है। यहां फैसेलिटी मैनेजमेंट का काम अमरीकी कंपनी को दिया गया है। इस दौरान यूआईटी कोटा के ओएसडी आरडी मीणा भी मौजूद रहे।
2 लाख बच्चों का मानसिक तनाव दूर करेगा पार्क

मंत्री ने बताया कि कोटा के कोचिंग सेंटर में करीब 2 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। ऑक्सीजोन पार्क उन बच्चों का तनाव दूर करने में सहायक होगा, जो पढ़ाई के कारण टेंशन में रहते हैं। सवा लाख बच्चे तो हर दिन इसी पार्क से जुड़ी मुख्य सड़क से गुजरते हैं।

सबसे अलग

-चंबल रिवर फ्रंट पर संगमरमर से बनी 225 फ़ीट ऊंची चंबल माता की मूर्ति। संगमरमर से बनी पहली इतनी ऊंची मूर्ति।
-पहली बार चंबल नदी की औपचारिक पूजा होगी, जो 125 पुजारी करेंगे।
-दुनिया का सबसे बड़ी नन्दी प्रतिमा बनाई गई है।
-दुनिया की सबसे बड़ी घंटी है, जो 79 टन वजनी है। आठ किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनी जाएगी। इसे बजाने के लिए ताकत की जरूरत नहीं होगी। चेन खींचते ही बजेगी।
-जवाहर लाल नेहरू फेस मास्क बनाया गया है, जो सबसे बड़ा है।
-पहली बार अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी, आकाश के एक साथ मंदिर बनाए गए।
- गीता घाट जनता को गीता का उपदेश देता दिखाई देगा।
- अद्वितीय योग करता साधक दिखाई देगा।
- एक बगीचे में वृंदावन में भगवान विष्णु के 10 अवतारों की मूर्ति लगाई गई है।
- राजपूताना घाट पर राजस्थान के 9 क्षेत्रों की वास्तुकला, संस्कृति को दर्शाया गया है।
- एलईडी गार्डन देश का पहला अनूठा गार्डन है।
- साहित्यिक घाट पर पुस्तक, प्रसिद्ध लेखकों की प्रतिमाएं है, साहित्यिक चर्चा कर सकते हैं।
- एक घाट पर शीश महल बनाया गया है, कांच की इमारत है।

- - मीनार भी बनाई गई है
यह भी खासियत
22 घाट बनाए गए हैं। अदृश्य योगी, जो सामने से देखेंगे तो गायब हो जाएगा। गीता के प्रचार-प्रसार के लिए गीता घाट होगा। बुलंद दरवाजे से भी ऊंचा दरवाजा बनाया गया है। अस्सी फीट ऊंचा मुकुट महल है, जिसमें भीतर संग्रहालय है। एक विश्व के सपने को साकार करने के लिए विश्व मैत्री घाट तैयार किया गया।
कोटा के डवलपमेंट पर 5 हजार करोड़ खर्च

कोटा शहर के विकास कार्य पर करीब 5 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए। इनमें 1400 करोड़ रुपए रिवर फ्रंट पर, 120 करोड़ से ऑक्सीजोन पार्क बनाया गया है। इसके अलावा ट्रैफिक सिग्नल फ्री चौराहे, ओवरब्रिज, अण्डरपास, सड़क निर्माण, सीवरेज व अन्य काम शामिल हैं। मंत्री ने दावा किया कि यूआईटी ने पैसा खर्च किया है। राज्य और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता नहीं ली।

ऑक्सीजोन पार्क : केस स्टडी का भी होगा काम
यूडीएच मंत्री ने कहा कि 75 एकड़ में बनाए गए ऑक्सीजोन पार्क में केस स्टडी के तौर पर भी काम होगा। यहां 1200 मीटर लंबी नहर और 180 मीटर लंबी व 30 मीटर ऊंची मानव निर्मित पहाड़ी बनाई गई है। इस पहाड़ी के भीतर आ-जा सकेंगे। एक तरह से बैंक्वेट हाल का काम भी करेगा। बादाम के पेड़ों का जंगल भी बनाया गया है। इसके अंदर 7 डिग्री तापमान कम होने का महसूस करेंगे।