
12 साल पहले मांगी थी रिश्वत अब 5 साल की हुई जेल
कोटा .करीब 12 साल पहले दस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए घूसखोर लिपिक को अदालत ने शनिवार को 5 साल कठोर कैद व 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।
झालावाड जिले के गुराडिया जोगा निवासी श्याम सुंदर पाटीदार ने 19 दिसम्बर 2006 को एसीबी बारां में शिकायत दी थी। जिसमें कहा था कि वन विभाग बारां द्वारा उनकी फर्म मैसर्स वल्लभ मूसली फार्म भवानीमंडी को ग्वार पाठा के 5 लाख पौधे सप्लाई करने का टेंडर 4.45 लाख रुपए में दिया था। ट़ेडर स्वीकृत होने पर उन्होंने निविदा की शर्तों के अनुसार धरोहर राशि 22 हजार 500 रुपए के दो डीडी विभाग में जमा करवाए थे।
काम पूरा होने के बाद नियमानुसार उसे धरोहर राशि वापस मिल जानी चाहिए थी। लेकिन वह नहीं मिलने पर जब वन मंडल कार्यालय बारां के कनिष्ठ लिपिक बृजराज सिंह हाड़ा से मिला तो उन्होंने धरोहर राशि के डीडी लौटाने की एवज में 3 फीसदी के हिसाब से 13500 रुपए रिश्वत की मांग की। जिसमें से वह 3 हजार रुपए तीन माह पहले ही दे चुके हैं। लेकिन अब दस हजार रुपए के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
इस शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन कराया। जिसमें दस हजार रुपए की मांग करना सही पाया गया। सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने लिपिक बृजराज सिंह हाड़ा को 23 दिसम्बर को उनके कार्यालय में दस हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत राशि उसकी पेंट की जेब से बरामद हुई थी।
सहायक निदेशक अभियोजन एहसान अहमद ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने रिश्वत मांगने व लेने का दोषी पाए जाने पर आरोपित गोपाल विहार कॉलोनी बारां निवासी वन मंडल कार्यालल बारां के कनिष्ठ लिपिक बृजराज सिंह हाड़ा को 5 साल कठोर कैद की सजा व 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।
Published on:
19 May 2018 05:07 pm
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