कोटा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, आपदा राहत मंत्री और नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने सोमवार को हाड़ौती के बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बताया कि राज्य में पांच जिले करौली, अलवर, भरतपुर, गंगानगर और हनुमानगढ़ को छोड़कर सभी जिलों में इस बार औसत से 40 प्रतिशत बारिश ज्यादा हुई है। कई जिलों में बहुत ज्यादा हुई है।
चार दिन बाद चम्बल का गुस्सा हुआ कम ,एक कि मौत,आधा दर्जन गांव टापू बने,बैराज से पानी की निकासी की कम
अब तक राज्य में वर्षा जनित हादसों में 54 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर को नियमों के अनुसार मुआवजा मिल चुका है। कोटा में भी नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। नियमों के अनुसार सर्वे भी होगा। केन्द्रा और राज्य के आपदा के नियम बने हुए हैं। सर्वे होगा तब केन्द्र सरकार से भी पैकेज देने की बात की जाएगी।
उन्होंने कहा, मेरे स्तर पर और मुख्य सचिव के स्तर राज्य की निगरानी कर रहे हैं। कोटा के प्रशासन ने भी समय पर सही कदम उठाए, इससे कोई हादसा नहीं हुआ। अपदा राहत मंत्री मास्टर भंवरलाल ने कहा, आपदा नियमों के अनुसार मुआवाजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
स्वायत्त शासन मंत्री ने बताया कि कोटा में रिवरफ्रंट को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि नदी का पानी शहर में नहीं आए। सरकार बाढ़ पीडि़तों के साथ है। मध्यप्रदेश से बहकर पानी आ रहा थ उससे दो दिन पहले ज्यादा चिंता का विषय बना हुआ था, लेकिन अब पानी का स्तर नीचे आने लगा है।
मध्यप्रदेश के तेज बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में पानी आया है। तीन दिन से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव जिला कलक्टरों से संपर्क में हैं। आपदा प्रबंध विभाग पहले दिन से सक्रिय है। चंबल के पानी से आई बाढ़ से कोई जनहानि नहीं हुई है। जब पानी उतर जाएगा को सर्वे कराया जाएगा। फसल, मकान और पशुधन के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।- मास्टर भंवरलाल मेघवाल, आपदा राहत मंत्री