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RBSE 10th Result: पिछड़े जिलों से भी पिछड़ा शिक्षा मंत्री का गृह जिला कोटा, मद​न दिलावर बोले- पहले की तुलना में बेहतर

RBSE 10th Result Kota Ranking : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का गृह जिला होने के बावजूद कोटा एक बार फिर प्रदेश की रैंकिंग में पिछड़े जिलों से भी पिछड़ गया।

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कोटा

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Anil Prajapat

Mar 25, 2026

Madan Dilawar

मदन दिलावर (फाइल फोटो-पत्रिका)

कोटा। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। खास बात यह रही कि बोर्ड के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब परीक्षा समाप्त होने के महज 23 दिन में नतीजे घोषित कर दिए गए है। जो अब तक का सबसे तेज परिणाम माना जा रहा है। हालांकि, परिणाम की तस्वीर कोटा जिले के लिए निराशाजनक रही। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का गृह जिला होने के बावजूद कोटा एक बार फिर प्रदेश की रैंकिंग में पिछड़े जिलों से भी पिछड़ गया। इस वर्ष कोटा जिला 89.25 प्रतिशत के साथ 39वें स्थान पर रहा यानी नीचे से तीसरे पायदान पर।

डूंगरपुर, जैसलमेर, सलुंबर और बारां जैसे पिछड़े जिलों से भी पिछड़ा परिणाम कोटा का रहा है। यह स्थिति तब है जब पिछले साल की अपेक्षा कोटा का परिणाम 2 प्रतिशत बढ़ा है। प्रदेश का कुल परीक्षा परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा। जबकि पिछले साल 2025 में 93.06% रहा था। प्रदेश के परिणाम में 0.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, प्रवेशिका में कोटा का परिणाम तो और खराब रहा, 56.47 प्रतिशत परीक्षा परिणाम के साथ कोटा 41 जिलों में सबसे अंतिम पायदान पर रहा। जबकि प्रदेश में प्रवेशिका का परिणाम 87.11 प्रतिशत रहा।

प्रिंसिपल स्तर तक समीक्षा कर सुधार करेंगे

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि परिणाम प्रतिशत के हिसाब से कोटा जिले का रिजल्ट पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। हालांकि रैंकिंग में गिरावट जरूर दर्ज की गई है। परिणाम सुधार को लेकर गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे। सबसे पहले सभी शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद प्रिंसिपल स्तर की बैठक आयोजित कर ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। ताकि आगामी वर्षों में परिणाम में सुधार लाया जा सके।

छात्राएं फर्स्ट, छात्रों में सैकंड डिवीजन ज्यादा

कोटा में छात्रों में फर्स्ट डिवीजन 4526, सैकंड डिवीजन 5079 और 1831 छात्र थर्ड डिवीजन पास हुए है। वहीं छात्राओं में 5503 फर्स्ट, 4445 सैकंड और 967 छात्राएं थर्ड डिवीजन पास हुई। कुल 10029 स्टूडेंट्स फर्स्ट डिवीजन और 9524 सैकड और 2798 थर्ड डिवीजन पास हुए।

दसवीं में झुंझुनूं टॉप, धौलपुर फिसड्डी

झुंझुनूं जिला 97.77 प्रतिशत के साथ राज्य में टॉप रहा है। दूसरे स्थान पर 97.59 प्रतिशत के साथ डीडवाना-कुचामन, 97.43 प्रतिशत के साथ सीकर तृतीय रहा। धौलपुर 87.52 फीसदी के साथ सबसे निचले पायदान पर रहा।

प्रवेशिका में टोंक अव्वल, कोटा सबसे पीछे रहा

प्रवेशिका में टोंक जिला टॉप पर रहा जबकि बाड़मेर व हनुमानगढ़ क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे। वहीं कोटा जिला सबसे पीछे रहा।

रामगंजमंडी : खैराबाद की सरकारी स्कूलों का परिणाम 90.40%

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। जो जिले के खैराबाद ब्लॉक में है। खैराबाद ब्लॉक की सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 90.40 प्रतिशत रहा। यहां कुल 2114 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। जिनमें से 712 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 956 द्वितीय और 247 स्टूडेंट्स तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। वहीं 138 विद्यार्थियों के पूरक आई है।

कोटा जिले का रिजल्ट 89.25 प्रतिशत

कोटा जिले का रिजल्ट 89.25 प्रतिशत रहा। जिले में इस साल परीक्षा में 13323 छात्रों और 12068 छात्राओं सहित कुल 25391 विद्यार्थी पंजीकृत रहे। जिनमें से 13118 छात्रों और 11924 छात्राओं ने परीक्षा दी। इनमें 11436 छात्र सफल रहे। जिनका प्रतिशत 87.18 रहा। वहीं 10915 छात्राएं पास हुई, जिनका प्रतिशत 91.54 रहा।

8वीं व 5वीं में भी कोटा 'बी ग्रेड'

कोटा, दसवीं बोर्ड के साथ ही 8वीं और 5वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी मंगलवार को घोषित कर दिए गए। जिले में सर्वाधिक विद्यार्थियों ने बी ब्रेड हासिल की। डाइट प्राचार्य पवित्रा त्रिपाठी के अनुसार, 8वीं बोर्ड परीक्षा में जिले से कुल 28,621 विद्यार्थी पंजीकृत रहे। इनमें से 3.051 विद्यार्थियों ने ए ग्रेड प्राप्त की। जबकि 14,613 को बी ग्रेड मिली।

इसके अलावा 9,829 विद्यार्थियों को सी ग्रेड, 89 को डी ग्रेड तथा 1,039 विद्यार्थियों को ई ग्रेड प्राप्त हुई है। वहीं, 5वीं बोर्ड में जिले में कुल 32,104 विद्यार्थी पंजीकृत रहे। इनमें 7,717 विद्यार्थियों ने ए ग्रेड हासिल की। जबकि सर्वाधिक 18,775 विद्यार्थियों को बी ग्रेड मिली। इसके अतिरिक्त 4,900 विद्यार्थियों को सी ग्रेड, 4 को डी ग्रेड और 708 विद्यार्थियों को ई ग्रेड प्राप्त हुई।