
कोटा .
नगर निगम में भाजपा बोर्ड के 3 साल की कथित विफलताओं को लेकर कांग्रेस पार्षद दल की ओर से सोमवार को धिक्कार दिवस मनाया गया। निगम कार्यालय के समक्ष धरना देकर महापौर, भाजपा नेताओं और सरकार पर जमकर प्रहार किए। धरने में कांग्रेस पार्षद व शहर अध्यक्ष भी बैठे। शहर अध्यक्ष गोविन्द शर्मा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने निगम में घुसने की कोशिश की। मुख्य द्वार पर पुलिस ने रोकना चाहा, लेकिन कार्यकर्ता नहीं रुके और निगम भवन में घुसकर नारेबाजी करने लगे।
शहर अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि भाजपा बोर्ड के कृत्यों से शहर और राज्य सरकार के कृत्यों से प्रदेश का आमजन परेशान है। जनता का सिर शर्म से झुक गया है। भाजपा के अपने ही विरोध पर उतारू हो रहे हैं। शहर गंदगी से अटा पड़ा है। सैकड़ों लोग गंदगी से फैली बीमारी डेंगू-स्वाइन फ्लू एवं आवारा मवेशियों के कारण मौत का शिकार हो चुके हैं। ऐसे में महापौर को इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा नेता आंखें मूंद कर बैठे हैं, यह शर्म की बात है। पीसीसी सदस्य पंकज मेहता ने कहा कि सफाई के नाम पर चंद लोगों की जेबें भरी जा रही हैं। पूर्व प्रदेश सचिव शिवकांत नन्दवाना ने कहा कि भाजपा जनप्रतिनिधियों के संरक्षण के चलते काम नहीं करने वालों का कुछ नहीं हो रहा है, जनता बेहाल है।
सफाई के 65 करोड़ का हिसाब मांगो
निगम के नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने कहा कि महापौर के पास तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों के नाम पर बताने के लिए कुछ नहीं है। 65 करोड़ का सफाई बजट होने के बावजूद कचरा प्वॉइंटों से कचरा नहीं उठ रहा, इसका जनता को हिसाब देना चाहिए। पार्षद दिलीप पाठक ने कहा कि पट्टों के नाम पर फ र्जीवाड़ा हो रहा है। आज तक निगम में किसी ने भी कोई लीज राशि जमा नहीं करवाई, जबकि राजस्व समिति की ओर से वसूली नया फ रमान जारी कर दिया है। इसका जनता विरोध करेगी।
इन्होंने भी किया सम्बोधित
पार्षद मोहम्मद हुसैन मोम्दा, शमा मिर्जा, मोनू कुमारी, एससी कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश खटीक, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष मंजू मेहरा, देहात जिलाध्यक्ष गायत्री सिसोदिया, महामंत्री हिम्मत हाड़ा, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के आबिद कागजी, कुंदन चीता, नीरज शर्मा, यश मालवीया, दिनेश जोशी ने भी सम्बोधित किया।
Updated on:
27 Nov 2017 09:56 pm
Published on:
27 Nov 2017 09:53 pm
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