
सरकार पर तंज, 'राज बदला लेकिन कोटा में आवारा मवेशियों की समस्या नहीं बदली'
कोटा. सांगोद विधायक भरतसिंह ने बुधवार को विधानसभा में शहर में आवारा मवेशियों से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं का मसला उठाते हुए गायों के कारण जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
भरतसिंह ने विधानसभा के नियम प्रक्रिया के नियम 295 के तहत प्रदेश व कोटा में आवारा मवेशियों के कारण हुई लोगों की मौत का मामला उठाया। सिंहने कहा कि चार फरवरी को कोटा के एक युवक अमन अली को गाय ने सींग मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसकी 5 फरवरी को उपचार के दौरान मौत हो गई।
स्मार्ट सिटी कोटा में पशुओं द्वारा लोगों को मारना एक सामान्य घटना है। इस विषय पर पहले भी सदन में गायों द्वारा लोगों केा मारने का प्रकरण उठाया जा चुका है। जयपुर में घूमने आए एक विदेशी पर्यटक को भी आवारा पशु ने मार दिया था। प्रदेश में राज तो पलटा मगर आवारा पशुओं की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।
गोपालन मंत्रालय तो बना लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। सरकार को कम से कम इतना तो करना चाहिए कि जो राजस्व गायों के नाम से शराब की बिक्र व स्टाम्प ड्यूटी पर प्राप्त होता है, उस राशि से गाय के कारण हो रही मृत्यु पर मृतक के परिजनों को सहायता शुल्क प्रदान करें।
Published on:
12 Feb 2020 11:28 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
