
राजस्थान आरएसबीसीएल भर्ती, पत्रिका फोटो
RSBCL Recruitment Kota: राजस्थान में सरकारी नौकरियों का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। इसका ताजा उदाहरण राजस्थान स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RSBCL) में निकली भर्ती में देखने को मिला है, जहां डॉक्टर, इंजीनियर और नर्सिंग कर्मियों समेत कई विभागों के अधिकारियों ने डेपुटेशन पर जाने के लिए आवेदन किया है। खास बात यह है कि ये सभी अधिकारी अपने मूल विभाग को छोड़कर शराब से जुड़े विभाग में काम करने के इच्छुक हैं।
आरएसबीसीएल में प्रबंधक ऑपरेशन, प्रबंधक प्रशासन और डिपो प्रबंधक जैसे पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों पर अपेक्षा थी कि प्रशासनिक या वाणिज्यिक पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी अधिक संख्या में आएंगे, लेकिन सूची में सामने आया कि तकनीकी और चिकित्सा क्षेत्र के अधिकारी भी इस दौड़ में शामिल हैं।
सूची के अनुसार अभियंताओं की संख्या सबसे अधिक है। सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर जैसे पदों पर कार्यरत अधिकारी अब प्रबंधकीय जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हैं। वहीं डॉक्टरों में सीनियर मेडिकल ऑफिसर, पशु चिकित्सा अधिकारी और अन्य चिकित्सक भी इसमें शामिल हुए हैं।
नर्सिंग ऑफिसर जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने भी आवेदन कर यह संकेत दिया कि वे अपने कॅरियर में बदलाव चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आवेदन यह दर्शाते हैं कि अधिकारी अब केवल अपने मूल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहते।
बेहतर कार्य वातावरण, पदोन्नति के अवसर और प्रशासनिक जिम्मेदारी जैसे कारण उन्हें अन्य विभागों की ओर आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि चिकित्सा और तकनीकी क्षेत्र के प्रशिक्षित अधिकारी शराब वितरण जैसे विभाग में जाने के लिए क्यों इच्छुक हैं।
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| डॉक्टर | 7 |
| इंजीनियर | 18 |
| नर्सिंग कर्मचारी | 2 |
विशेषज्ञों के अनुसार यदि डॉक्टर, इंजीनियर और नर्सिंग कर्मचारी डेपुटेशन पर आरएसबीसीएल में चले जाते हैं तो उनके मूल विभागों में कामकाज पर असर पड़ सकता है। चिकित्सा क्षेत्र में पहले से ही डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की कमी है। ऐसे में डेपुटेशन से सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
विद्युत और अन्य तकनीकी विभागों में अभियंताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इनकी कमी से परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार आमतौर पर डेपुटेशन को सीमित संख्या में ही स्वीकृति देती है, ताकि मूल विभागों का कार्य प्रभावित न हो।
केस : एक
आयुर्वेद विभाग में सीनियर मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत डॉ. शिवदयाल शर्मा ने प्रबंधक ऑपरेशन पद के लिए आवेदन किया है। चिकित्सा सेवा से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई है।
केस : दो
राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम में सहायक अभियंता अंकित गोयल ने भी डेपुटेशन पर आरएसबीसीएल प्रबंधक ऑपरेशन प्रथम पद पर जाने के लिए आवेदन किया है।
केस : तीन
चिकित्सा विभाग में नर्सिंग ऑफिसर देवीसिंह ने डिपो प्रबंधक पद के लिए आवेदन किया है। जबकि उनका मूल काम चिकित्सा विभाग से जुड़ा हुआ है, लेकिन उन्होंने भी आवेदन किया है।
Updated on:
06 Apr 2026 08:40 am
Published on:
06 Apr 2026 06:36 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
