
कोटा . पानी की निकासी और सड़क दुरुस्त करने के नाम पर नगर विकास न्यास की विकास योजनाओं के निर्माण में जुटे ठेकेदारों की मनमानी जनता पर भारी पड़ गई। जयहिंद नगर में नालियों का फ्लो उल्टा कर दिया गया तो दादाबाड़ी विस्तार योजना में सड़क ही छोटी कर डाली।
बारां रोड स्थित जयहिंद नगर में यूआईटी नाली और सड़क का निर्माण करा रही है। पहले ब्लॉक के करीब 16 मकानों के सामने से गुजर रही नालियों का निर्माण उनके बहाव की दिशा में करके पास से गुजर रहे नाले में छोडऩा था, लेकिन ऐसा करने के बजाय ठेकेदार ने नालियों का बहाव उल्टा कर उसे मुख्य मार्ग से गुजर रही ड्रेनेज पाइप से जोड़ दिया।
इसकी वजह से कॉलोनी का पानी बाहर निकलना तो दूर उल्टा सीवर का पानी कॉलोनी में भरने लगा है। लोगों ने जब ठेकेदार से इसका विरोध किया तो उसने काम बंद कर दिया। कॉलोनीवासियों ने यूआईटी के अधिकारियों को ज्ञापन दिया फिर भी बात नहीं बनी। इसके बाद सुगम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। बावजूद इसके समस्या का समाधान निकालने के बजाय यूआईटी ने इस ब्लॉक का काम ही रुकवा दिया है।
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यूआईटी चेयरमैन आरके मेहता नेे कहा जहां की भी शिकायतें आई हैं उनकी जांच करवाएंगे। विकास योजनाएं लोगों की सहूलियत के लिए बनाई गई हैं ना कि परेशानी बढ़ाने के लिए।
मर्जी से बिछाई जा रही सड़क
दादाबाड़ी विस्तार योजना में जैन मंदिर से पास सड़क का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन यहां ठेकेदार ने सड़क की चौड़ाई कम कर दी। दोनों ओर करीब एक-एक मीटर जगह छोडऩे के साथ ही डामर और कंक्रीट की बेहद पतली परत बिछाकर पल्ला झाड़ लिया। आलम यह है कि डामर अभी से उखडऩे भी लगा है। लोगों ने जब ठेकेदार से सही काम करने को कहा तो वह काम आधा-अधूरा छोड़कर भाग गया।
Published on:
15 May 2018 12:15 pm
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