
कोटा में बीमारी से ज्यादा कोरोना का डर हावी, राजस्थान में हाई अलर्ट...
कोटा. कोरोना ( Coronavirus) भले ही कोटा तक नहीं पहुंचा, लेकिन उसकी दहशत हर तरफ देखी जा सकती है।? फिर चाहे वह सरकारी तंत्र...या फिर आमजन...सभी में इसका डर, हर प्रयास जैसे इस वायरस से बचने के लिए किया जा रहा है। ( coronavirus in Rajasthan ) चिकित्सा विभाग ने आज बैठकें लेकर अधिकारियों और स्टाफ को ताकीद किया।?वहीं आमजन ने भी इससे बचने के लिए बाजार से मास्क और सैनेटाइजर खरीदे। नतीजा यह निकला कि बाजार से सैनेटाइजर और हैंडवॉश गायब ही हो गया।?मास्क भी मनमाने दाम पर बिकने लगे।?प्रशासन ने पर्यटकों को होटल छोडऩे के निर्देश दिए हैं, वहीं होटल संचालकों को किसी भी पर्यटक को होटल में ठहराने से मना कर दिया है।?
जहां देश-दुनिया कोरोना वायरस की दहशत में है। राजस्थान में मेडिकल इमरजेंसी के हालात हैं। सरकार से लेकर जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग अलर्ट पर है। वहीं, कोटा संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस में कोरोना का डर जरा भी नहीं लगता। ऐसा हम नहीं कह रहे, ये अस्पताल के हालात बता रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ बिना मास्क और दस्ताने के मरीजों को देख रहे हैं।
सेंट्रल लैब के भी हाल इससे अलग नहीं है। यहां के कर्मचारी बिना दस्ताने व मास्क के मरीजों के सेम्पल ले रहे है। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसा नहीं है कि अस्पताल प्रशासन के पास संसाधन नहीं है। मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण ऐसा हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि पिछले माह सेन्ट्रल लैब में एन-95 के 400 मास्क कर्मचारियों को बांटे थे, लेकिन ये इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे, पता नहीं है। पिछले कुछ दिन से कोरोना वायरस का खतरा बढऩे से प्रशासन सतर्क हुआ है, लेकिन अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर व कर्मचारी अब तक सतर्क नहीं हुए हैं। इसके चलते यह हालात देखने को मिल रहे है।
मेडिकल कॉलेज के तीनों अस्पताल अधीक्षकों को डॉक्टर व कर्मचारियों को मास्क व दस्ताने पहनकर काम करने के आदेश जारी करेंगे। गुरुवार को भी बैठक ली है। जिसमें व्यवस्थाओं में सुधार के लिए निर्देशित किया है।
डॉ. विजय सरदाना, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
Published on:
06 Mar 2020 02:59 am

बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
