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कलक्ट्री में भ्रष्टाचार का मामला: आईएएस अधिकारी कोर्ट में होगा पेश

भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी इन्द्र सिंह राव एसीबी की पूछताछ के दौरान सवालों को टालते रहे। इस कारण कई बार एसीबी को सख्ती भी करनी पड़ी। उन पर 1.40 लाख की रिश्वत लेने का आरोप है।
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कोटा

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Jaggo Singh Dhaker

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Updated: 25 Dec 2020, 8:24 AM IST

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आईएएस अधिकारी इन्द्र सिंह राव

कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम शुक्रवार 25 दिसम्बर को दोपहर में 1.40 लाख की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार बारां से एपीओ किए गए तत्कालीन जिला कलक्टर व आईएएस अधिकारी इन्द्रसिंह राव को जिला एवं सेशन न्यायालय में फिर पेश करेगी। न्यायालय ने उन्हें गुरुवार को एक दिन के पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा था। इसके बाद एसीबी अधिकारियों ने राव से एसीबी चौकी में करीब तीन घंटे तक लम्बी पूछताछ की। राव टालमटोल जवाब देते रहे। पूछताछ के दौरान कई बार तो एसीबी अधिकारी भी झुंझला गए। पीए के बयानों के आधार पर सवाल पूछे गए। कलक्टर के पीए ने एसीबी को दिए बयानों में पेट्रोल पम्प की एनओसी के बदले जो 1.40 लाख रुपए की रिश्वत ली थी, उसमें से तत्कालीन जिला कलक्टर राव के लिए एक लाख रुपए देने की बात स्वीकार की थी।
एसीबी जयपुर की स्पेशल सेल के प्रभारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सी.पी. शर्मा ने कहा कि राव की सम्पत्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही और अनुसंधान किया जा रहा है।
राव के विरुद्ध रिश्वत के मामले में मुकदमा दर्ज है। पीए महावीर नागर ने पूछताछ में कलक्टर के लिए रिश्वत लेना कबूल किया था। जांच में तत्कालीन बारां कलक्टर रहे राव की संलिप्तता के कई साक्ष्य मिले थे। पीए ने कलक्टर ने पूछताछ में स्पष्ट कहा था कि 1.40 लाख की घूस ली है। इसमें एक लाख कलक्टर के और 40 हजार रुपए पीए के थे। एसीबी ने कलक्टर कार्यालय कक्ष, पीए कक्ष व राजस्व शाखा में कई फ ाइलों को खंगाला गया। उन फाइलों को कब्जे में लिया, जिससे रिश्वत के मामले की जांच को सही दिशा मिल सके। पीए महावीर नागर फिलहाल जेल में ही है।