
कोटा. बच्ची क्या जन्मी जैसे कोई गुनाह हो गया। पिता तो निष्ठुर था ही, मां की ममता भी नन्हीं सी जान के लिए नहीं पिघली। मासूम को पैदा होते ही दुनिया के थपेड़े खाने के लिए छोडऩे का मानस बना लिया।
उसे पालना तो दूर, अस्पताल में ही छोड़कर जाने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जमकर तलाड़ लगाई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस के डर से दोनों बच्ची को रखने के लिए राजी हो गए।
उद्योग नगर थाने के उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि दिन में नए अस्पताल से सूचना मिली कि एक नवजात बालिका मिली है। उसे उसके परिजन छोड़ गए हैं।
सूचना पर बालिका को जन्म देने वाली महिला के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने बताया कि डीसीएम हाल संजय नगर निवासी एक महिला ने बुधवार रात को डकनिया स्टेशन रोड स्थित नर्सिंग होम में बालिका को जन्म दिया था।
लेकिन महिला व उसका पति उसे अपनाना नहीं चाह रहे थे। वे उसे नर्सिंग होम के बाहर ही लावारिस हालत में छोड़कर जाने लगे। बालिका को रातभर होम संचालकों ने अस्पताल में रखा। लेकिन सुबह नए अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस पूछताछ में नवजात के पिता ने बताया कि उसकी पहले से ही दो बच्चियां हैं। वह तीसरी बच्ची को नहीं रखना चाहता था, इसलिए छोड़कर जा रहा था। पुलिस ने दम्पती के खिलाफ आईपीसी की धारा 317 में मुकदमा दर्ज किया है।
इधर चाइल्ड लाइन के शहर समंवयक दिनेश शर्मा ने बताया कि नवजात बालिका के अस्पताल में मिलने की सूचना पर उनकी टीम वहां गई थी। बालिका प्री मेच्योर होने से उसकी हालत गम्भीर बनी हुई है।
चाइल्ड लाइन ने बालिका का मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां से उसे बालिका गृह में रखने के आदेश हुए। लेकिन उसकी हालत को देखते हुए फिलहाल एनआईसीयू में भर्ती किया गया है।
Published on:
29 Dec 2016 10:00 pm
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