
कुंदनपुर क्षेत्र में उजाड़ नदी में सूखा पानी।
कुंदनपुर. क्षेत्र में इस बार कम बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी पूरी तरह से दिखाई देने लगा है। तभी तो इस क्षेत्र में बारह महीनों तक एक जैसी बहने वाली जीवनदायिनी उजाड़ नदी में इस बार सर्दी के मौसम की शुरुआत में ही पानी रीतने लग गया है। जिसके चलते नदी की तलहटी में दूर-दूर तक कहीं पर भी पानी नजर नहीं आ रहा है। उसकी जगह पत्थर ही पत्थर दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नदी के कुछ गड्ढों में ही पानी भरा होने से ग्रामीणों में चिंता है। उन्हें अभी से क्षेत्र में भूजल स्तर गहराने के साथ ही गर्मी में भयंकर जलसंकट उत्पन्न होने की चिंता अभी से सताने लगी है।
क्षेत्र में बह रही उजाड़ नदी में साल भर पानी भरा रहता है। क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद नदी में सालभर पानी भरा रहने से नदी किनारे बसे गांवों में भी भूजल स्तर ठीक रहता है। इस साल क्षेत्र में हुई कम बारिश से नवंबर माह में ही नदी का पानी सूख गया। बारिश में अथाह पानी से भरी रहने वाली नदी में सिर्फ तलहटी में कुछ गड्ढों में ही पानी भरा हुआ है। दूर-दूर तक नदी का पेंदा दिखने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी में पानी भरा रहता है तो क्षेत्र में भूजल स्तर भी ठीक रहता है। नलकूप व हैंडपंपों में भी सालभर पानी रहता है। लेकिन नदी में पानी रीतने के बाद अब भूजल स्तर में भी गिरावट की संभावना है। ग्रामीणों की माने तो अभी सर्दी के पांच माह शेष है, इस दौरान थोड़ा बहुत बचा हुआ भूजल भी फसलों मेंकाम आ जाएगा। ऐसे में गर्मी के दिनों में लोगों को गांवों में जल संकट की आशंका भी नजर आने लगी है। वहीं किसानों को भी रबी की फसलों में आगामी सिंचाई की चिंता नजर आ रही है। नलकूपों व कुएं बावडिय़ों का पानी रीतने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिलने की चिंता सताने लगी है।
Published on:
23 Nov 2020 05:38 pm
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