मिनी धनतेरस: 13 अक्टू‍बर को खरीददारी का महायोग, जानिए शुभ मुहुर्त

abhishek jain

Publish: Oct, 12 2017 06:50:56 (IST)

Kota, Rajasthan, India
मिनी धनतेरस: 13 अक्टू‍बर को खरीददारी का महायोग, जानिए शुभ मुहुर्त

दिवाली से पहले धनतेरस पर विशेष खरीदारी होती है, लेकिन धनतेरस से 4 दिन पहले मिनी धनतेरस पर पुष्य महायोग के कारण बाजार में जमकर धन बरसेगा।

बूंदी. दीपावली से पहले शुभ मुहूर्त में छोटीकाशी का बाजार चमकेगा। 13 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र होने से व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है, पुष्य नक्षत्र से शुरू हुए शुभ मुहूर्त को लेकर व्यापारी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तैयारियों में जुटे हैं।

 

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दिवाली से पहले धनतेरस पर विशेष खरीदारी होती है, लेकिन धनतेरस से 4 दिन पहले मिनी धनतेरस पर भी बाजार में जमकर धन बरसेगा। पुष्य महायोग पर 13 अक्टूबर को खरीदारी का विशेष योग ? है। दिवाली पर बाजार सजने शुरू हो गए।

ज्योतिषाचार्य पंडित अमित शास्त्री ने बताया कि दीपावली से पूर्व पुष्य महायोग 13 अक्टूबर को सुबह 7.46 बजे से अगले दिन सुबह 6.45 बजे तक रहेगा। चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में रहेगा। गुरु व चंद्रमा के संयोग से यह खरीदारी का महापर्व बनेगा। इस दिन सिद्ध योग भी रहेगा। इन शुभ योगों में की गई खरीदारी चिर स्थायी व विशेष फलदायी होगी।

 

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खरीदारी के शुभ मुहूर्त
चौघडिय़ा समय
लाभ व अमृत-सुबह 7.55 से 10.47
शुभ- दोपहर 12.13 से 1.49
चर-शाम 4.31 से 5.57
लाभ रात्रि 9.5 से 10.38

 

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राशि और फलदायी खरीद
मेष-इलेक्ट्रॉनिक सामान, सोना, कपड़े,
वृष-प्रॉपर्टी, वाहन, ज्वैलरी
मिथुन-चांदी के सिक्के, इलेक्ट्रॉनिक सामान
कर्क-स्वर्णाभूषण, प्रॉपर्टी, वाहन
सिंह- कपड़े, घरेलू सामान
कन्या-फ्लैट, ज्वैलरी, वाहन
तुला-नया व्यापार, कम्प्यूटर-लैपटॉप, वाहन
वृच्छिक-भूमि, चांदी के सिक्के, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान
धनु-कपड़े, फर्नीचर, घरेलू सामान
मकर-सोफा, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन, प्रापर्टी
कुंभ-वस्त्र, यात्रा बुकिंग, स्वर्णाभूषण
मीन-धार्मिक ग्रंथ, स्वर्ण, जमीन वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान

 

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नक्षत्रों का राजा पुष्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को राजा कहा जाता है, इसमें किए गए सभी कार्य स्थिर होते है, इस नक्षत्र के स्वामी शनि है और अधिकारी देवता गुरु है। पुष्य का अर्थ पोषित करना अर्थात उन्नति देना है। ऋग्वेद में इसे मंगलकर्ता, वृद्धिकर्ता, आनंदकर्ता कहा गया है। पुष्य नक्षत्र यदि रविवार या गुरुवार को तो अत्याधिक शुभ मानते हैं।

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