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डॉ. अमृता दुहन कोटा शहर एसपी, ग्रामीण एसपी होंगे करण शर्मा

शहर एसपी शरद चौधरी को जोधपुर व ग्रामीण एसपी कावेन्द्र सिंह को जयपुर लगाया, बूंदी पुलिस अधीक्षक भी बदलें, हनुमान प्रसाद मीणा संभालेंगे पदभार

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डॉ. अमृता दुहन कोटा शहर एसपी, ग्रामीण एसपी होंगे करण शर्मा

डॉ. अमृता दुहन कोटा शहर एसपी, ग्रामीण एसपी होंगे करण शर्मा

कोटा. कार्मिक विभाग ने पुलिस के बेड़े में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। प्रदेशभर में 65 पुलिस अधीक्षकों के तबादले किए गए हैं। तबादलों की शुक्रवार को सूची जारी की गई। इसके अनुसार कोटा शहर एसपी को जिम्मा डॉ. अमृता दुहन को दिया है। दुहन वर्तमान में उपायुक्त (पूर्व) पुलिस आयुक्तालय जोधपुर में पदस्थापित हैं। वहीं कोटा ग्रामीण एपी करण शर्मा होंगे।संयुक्त शासन सचिव कनिष्क कटारिया द्वारा जारी की गई तबादला सूची के अनुसार प्रदेशभर में ६५ पुलिस अधीक्षकों को इधर से उधर किया गया है। जबकि दो पुलिस अधिकारियों को वर्तमान पद के साथ-साथ अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। तबादला

सूची के अनुसार कोटा शहर पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी को पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) आयुक्तालय जोधपुर लगाया है। वहीं एपी शरद चौधरी के स्थान पर पुलिस उपायुक्त (पूर्व) पुलिस आयुक्तालय जोधपुर में पदस्थापित डॉ. अमृता दुहन को लगाया गया है। कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक भी बदले हैं।

कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र ङ्क्षसह सागर को पुलिस उपायुक्त जयपुर शहर (पूर्व) पुलिस आयुक्तालय जयपुर लगाया है। कावेन्द्र सिंह की जगह पुलिस अधीक्षक सीआईडी सीबी जयपुर में पदस्थापित करण शर्मा को लगाया गया है।

वहीं बूंदी पुलिस अधीक्षक जय यादव को पुलिस अधीक्षक कुचामन-डीडवाना मेंं लगाया गया है। वहीं फलौदी पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा को बूंदी लगाया है।

‘कोटा मेंं काम करने का अनुभव, शहर पुलिसिंग को और करेंगे बेहतर’

कोटा शहर की नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस डॉ. अमृता दुहन पूर्व में कोटा रह चुकी है। वह दबंग पुलिस अधिकारी के रूप से जानी जाती हैं। डॉ. अमृता दुहन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह बतौर एएसपी कोटा में रहीं। वह लगभग डेढ़ वर्ष वृत्ताधिकारी वृत चतुर्थ (सीओ) रहीं। उन्होंने 2018 मेंं आपीएस में एएसपी पद पर ज्वाइन किया था। इसके बाद 2020 में कोटा आई गई थीं। उन्होंने बताया कि 2007 में एमबीबीएस किया तथा 2011 में पीजी किया। उसके बाद मेडिकल कॉलेज हरियाणा में बतौर डॉक्टर के रूप में कार्यरत रहीं। वह कोटा शहर के क्राइम से भली भांति परिचित हैं। यह अनुभव उनको कोटा शहर की पुलिसलिंग को बेहतर करने में मदद करेगा। राज्य सरकार, पुलिस मुख्यालय की जो भी प्राथमिकताएं हैं तथा कोटा शहर में लोकल क्राइम पेटर्न पर उनका फोकस रहेगा। विशेषतौर पर कोटा को कोचिंग सिटी के रूप में जाना जाता है। इससे संबंधित जो भी क्राइम है उन पर अंकुश लगाया जाएगा।