
कोटा. राष्ट्रीय दशहरा मेले में निजी संस्थाओं की ओर से लगाई जाने वाली प्रदर्शनियों का आवंटन निरस्त कर दिया है।
कोटा . राष्ट्रीय दशहरा मेले में दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। निजी संस्थाओं की ओर से लगाई जाने वाली प्रदर्शनियों का आवंटन निरस्त कर दिया है। चेतावनी के बाद भी तम्बू नहीं हटाने पर निगम प्रशासन ने सोमवार को सख्ती बरतते हुए तम्बू उखाड़ दिए। यह जगह कच्ची दुकानों के लिए आवंटित की जाएगी, इसका चिह्नीकरण किया जा रहा है। मेले में निर्माण कार्य के कारण इस बार सड़क किनारे छोटे दुकानदारों को जगह नहीं मिल पा रही है। इस कारण अभी तक उनकी रसीदें भी नहीं काटी गई हैं।
8 से 10 हजार कर चुके खर्च
आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने पिछले दिनों मेले का निरीक्षण करने के दौरान सरकारी विभागों, धार्मिक व रेलवे की प्रदर्शनी को छोड़कर अन्य प्रदर्शनी स्थल का आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए थे। प्रदर्शनी संचालकों का कहना था कि उन्होंने निगम से रसीदें कटवा ली और टेंट लगा दिए। इस पर 8 से 10 हजार रुपए खर्च हो गए। अब बिना कारण आवंटन निरस्त करना उचित नहीं है। उन्होंने टेंट नहीं हटाए।
प्रतिपक्ष नेता ने किया विरोध
आयुक्त के निर्देश पर अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के नेतृत्व में निगम दस्ता यहां पहुंचा और तम्बुओं को मशीनों से हटा दिया। सूचना मिलते ही प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका मौके पर पहुंचे और इसका विरोध करने लगे। इसे लेकर व्यास और सुवालका में तीखी बहस हुई। इस दौरान मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा का भी घेराव किया। हालांकि इस दौरान न मेला अधिकारी मौजूद थे, न अतिक्रमण अनुभाग के उपायुक्त।
रंगमंच के पास से भी हटाया
निगम की बिना अनुमति के रंगमंच पर करीब दो दर्जन दुकानदार बैठ गए। इससे आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही थी। इसकी शिकायत पर अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने दुकानदारों को हटाया। दुकानदारों का कहना था कि पिछले 20-25 साल से दुकान लगाते आ रहे हैं। इस बार भी तीन-चार लाख का सामान लेकर आए हैं, लेकिन अभी तक रसीद नहीं काटी गई। कभी निगम वाले तो कभी पुलिस वाले परेशान करते हैं। दिल्ली से आए दिव्यांग नाथूराम ने बताया कि करीब पांच लाख रुपए का सामान बेचने आए हैं, लेकिन अभी तक जगह नहीं मिलने से इधर-उधर भटक रहे हैं। प्रतिपक्ष नेता को फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले नाथूराम पीड़ा बताते हुए फफक पड़े।
45 कच्ची दुकानों की जगह चिह्नित
मेला समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा का कहना है कि प्रदर्शनी की जगह 45 कच्ची दुकानों की जगह चिह्नित की है। मंगलवार को रसीद काटकर जगह दे दी जाएगी। कुछ लोगों ने अनधिकृत कब्जा कर लिया है, उन्हें निगम प्रशासन हटा रहा है। दुकानों की जगह बदलवाने की मांग को लेकर व्यापारी आ रहे हैं, लेकिन जो जगह है, वहीं बैठना पड़ेगा।
Published on:
02 Oct 2017 10:45 pm
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