22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

40 km प्रति घंटे की रफ्तार से कोटा में चली हवा, 3 मिनट में रेत का बवंडर मचा गया तबाही, जड़ समेत उखड़ा 40 साल पुराना पेड़

कोटा शहर में रविवार देर शाम तीन मिनट के अंधड़ ने तबाही मचा दी। इससे जगह-जगह पेड़ गिर गए, रास्ते बंद हो गए। अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

3 min read
Google source verification

कोटा

image

Zuber Khan

Apr 08, 2019

Storm In kota

40 km प्रति घंटे की रफ्तार से कोटा में चली हवा, 3 मिनट में रेत का बवंडर मचा गया तबाही, जड़ समेत उखड़ा 40 साल पुराना पेड़

कोटा. शहर में रविवार देर शाम तीन मिनट के अंधड़ ने तबाही मचा दी। इससे जगह-जगह पेड़ गिर गए, रास्ते बंद हो गए। अंधड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक विद्युत खम्भे गिर गए। इससे देर रात तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। अदालत गेट पर एक विशाल पेड़ गिर गया। इससे गेट टूट गया और चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हो गई। नयापुरा में भी एक पेड़ विद्युत खम्भे पर गिर गया। इस कारण खम्भा गिर गया। रास्ता बंद हो गया।

Read More: तकनीकी शिक्षा मंत्री का पीएम पर तीखा हमला, बोले- नेहरू से बड़ा दिखना चाहते हैं मोदी जो नकल से मुमकिन नहीं

बड़ तिराहे के पास भी चालीस साल पुराना एक पेड़ धराशायी हो गया। अंधड़ से थेगड़ा स्थित एक रिसोर्ट में शादी का पांडाल उड़ गया। भोजनशाला में सामान उठ गए। देवली अरब रोड पर एक रिसोर्ट में भी टेंट उड़ गया। जगह-जगह होर्डिंग, विद्युत पोल व पेड़ टूटकर गिर गए। शहर का बिजली तंत्र भी गड़बड़ा गया। इससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। धूलभरी आंधी चलने से अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों में दुबक गए। कई जगहों पर स्पार्किंग से आगजनी की घटनाएं भी हुई है। आंधी के चलते किसानों की खेतों में कटी फसल को नुकसान की आशंका है।

navratri special: झैठाल माता ने राजस्थान के इस गांव को कर दिया नशा मुक्त, 350 परिवार नहीं छूते तम्बाकूयुक्त सामग्री

हवा में नमी मौजूद
मौसम वैज्ञानिक अजीत पाल भाटिया ने बताया कि दिन में गर्मी के कारण हवा में नमी मौजूद है। स्थानीय प्रभाव के कारण हवा का सर्कुलेशन बना। इससे अंधड़ आया। रात 8.16 बजे से 8.19 मिनट पर 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। उसके बाद रात 9 बजे तक 20 किमी की उत्तरी हवाएं चली।

Read More: झाडू-पौंछा लगाकर बच्चे को पढ़ाया-लिखाया, जवान हुआ तो शराबियों ने कर दी हत्या, पढि़ए, धरने पर बैठी महिलाओं का दर्द...

लोहे के बोर्ड में आग लगी
कंसुआ क्षेत्र में आंधी की वजह से जागो का मोहल्ला में विद्युत पोल में लोहे का बोर्ड अटक गया। स्थानीय निवासी लोकेश भट्ट व प्रवीण शर्मा ने बताया कि लोहे के बोर्ड में आग लग गई। इससे पोल में करंट आ गया। डर के मारे लोग वहां से भाग छूटे। आकाशवाणी के सामने बिजली का खम्भा गिर गया। तलवंडी में स्वागत द्वार गिर गया। जैन मंदिर के पास बिजली के तार नीचे लटक गए। इससे करंट का अंदेशा बन गया है। हवा के कारण स्वामी विवेकानंद नगर में झोपड़ी की टिन उड़ गई और झोपड़ी की ईटें की दीवार नीचे गिर गई। इससे परिवार भाग छूटा।

अंधड़ से दो घंटे अंधेरे में कोटा
तेज अंधड़ ने आधे शहर को दो घंटे से भी ज्यादा देर तक के लिए अंधेरे में डुबो दिया। रात तक शहर के कई हिस्सों की बिजली गुल रही। हादसे की आशंका के चलते केईडीएल ने रात 7 बजकर 45 मिनट से पूरे शहर की बिजली बंद कर दी। जिसे रात नौ बजे के बाद एक-एक कर चालू किया। महावीर नगर तृतीय में बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से पूरे इलाके की बत्ती गुल हो गई। पेड़ हटाने की कोशिशों के बीच रात दस बजे तक आधे इलाके की बिजली चालू कर दी गई, लेकिन बाकी हिस्सा देर रात तक अंधेरे में डूबा रहा। वहीं नयापुरा में चमन होटल के सामने विद्युत लाइन पर बड़ा पेड़ गिरने से न सिर्फ बिजली के तार टूटे बल्कि एक खंभा भी गिर गया। जिसके चलते आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। केईडीएल कर्मी देर रात तक पेड़ हटाने और सप्लाई शुरू करने में जुटे रहे। वहीं सीएमचओ ऑफिस के पास भी सप्लाई लाइन पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। जिसे रात दस बजे के आसपास चालू किया जा सका। सूचना केंद्र के पास भी बड़ा पेड़ गिरने से इमरजेंसी सप्लाई लाइन के तार टूट गए। जिससे एमबीएस अस्पताल और सिविल लाइंस का इलाका अंधेरे में डूब गया। पेड़ हटाने में दिक्कतें आने के कारण केईडीएल ने वैकल्पिक फीडर से सप्लाई देकर एमबीएस की बिजली चालू की। वहीं सिविल लाइंस में भी बैक फीडर से बिजली चालू करनी पड़ी। इसके साथ ही शहर के कई और इलाकों में पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए। जिन्हें जोड़कर बिजली चालू करने के लिए केईडीएल कर्मी देर रात तक मशक्कत करते रहे।