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#Election2018: प्रबंधन में प्रोफेशनल, रण कार्यकर्ताओं के भरोसे…

बंधन संभालने के लिए प्रोफेशनल्स के साथ इवेंट कंपनी के लोगों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।

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कोटा

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Suraksha Rajora

Dec 03, 2018

#Election2018professionaland traditional workers in bjp and congress

#Election2018: प्रबंधन में प्रोफेशनल, रण कार्यकर्ताओं के भरोसे...

कोटा . चुनावी समर में कार्यकर्ताओं की फौज के भरोसे ही जीत का पताका फहरता है। यह फौज कई बार हारा हुआ मैदान भी जिता सकती है तो जीते गढ़ में सेंध भी लगवा सकती है। दोनों ही दलों के पास इस चुनाव में परम्परागत कार्यकर्ताओं के साथ स्किल आधारित कार्यकर्ता भी काम कर रहे हैं। इनमें आईटी विशेषज्ञ और सोशल मीडिया में निपुण कार्यकर्ता डिजिटल तरीके से प्रत्याशियों के लिए काम कर रहे हैं।

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उम्मीदवार जीत सुनिश्चित करने के लिए रूठों को मनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाकर थक चुके हैं। जहां रूठे मान चुके, वहां थोड़ी राहत है, लेकिन जहां रूठे नहीं माने, वहां अब उन्हें मनाने को प्रयास छोड़कर प्रत्याशी मौजूदा समर्थकों के साथ ही पूरी ताकत से जनसंपर्क में जुटे हैं। कोई बरसों पुराने रिश्तों की दुहाई देकर वोट मांग रहा है तो कोई सहपाठी होने का हवाला देकर।

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पार्टी या प्रत्याशी के परिवार से जुड़े कार्यकर्ताओं पर ज्यादा भरोसा किया जा रहा है। साथ ही प्रबंधन संभालने के लिए प्रोफेशनल्स के साथ इवेंट कंपनी के लोगों की भी सेवाएं ली जा रही हैं। शहरी विधानसभा के एक प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार के लिए तो मल्टीनेशल कंपनी की तरह कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां कुछ ही लोगों को जाने की अनुमति है।

व्यय पर्यवेक्षक की कड़ी निगरानी के चलते प्रोफेशनल की सेवाएं गोपनीय तरीके से ली जा रही हैं, इनके कार्यालय भी गोपनीय हैं। नई ईवीएम से वोट डालने तक का तरीका भी कार्यकर्ताओं को बताया जा रहा है। जिले की सभी सीटों पर चुनाव में कार्यकर्ताओं को संभालने और साख मजबूत दिखाने के लिए बड़ी राशि खर्च हो रही है।


प्रत्याशी नहीं, पार्टी देख मैदान में उतरे


जिले की सभी सीटों पर अधिकतर कार्यकर्ता पार्टी से जुड़ाव रखने वाले हैं, इसलिए किसी के बुलाने या मनाने जैसी परम्परा नहीं निभाई, खुद पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जुट गए। कुछ कार्यकर्ताओं में मन-मुटाव जरूर है, लेकिन पार्टी से लम्बा जुड़ावा होने के कारण कार्य कर रहे हैं।


पेट्रोल तक भरवा रहे


विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दल युवाओं की फौज लेकर ताकत दिखा रहे हैं। कार्यकर्ताओं की सच्चाई जानने के लिए पत्रिका संवाददाता ने पार्टी कार्यालयों में जाकर पार्टी के कार्य करने की बात कही। इसके बाद पता चला कि भीड़ कैसे जा रही है। प्रचार करने वालों को खाना-पीना और फ्री में पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।


कहां कितने प्रत्याशी

कुल 62
पीपल्दा 09
सांगोद 08
कोटा उत्तर 11
कोटा दक्षिण 18
लाडपुरा 11
राजगंमंडी 05