कोटा. विधानसभा चुनाव के लिए लगाई गई आचार संहिता में पुलिस अवैध रकम व अन्य वस्तुओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। ऐसे में आप घर, दुकान या दफ्तर आदि से 50 हजार से अधिक नकद रुपए, चेक या जेवरात लेकर जा रहे हैं तो इनके दस्तावेज साथ जरूर रखें, नहीं तो पुलिस इन्हें जांच के दौरान जब्त कर सकती है।
आचार संहिता लागू रहने तक 50 हजार से ज्यादा की रकम या सोना-चांदी जैसी कीमती वस्तु के ट्रांसपोर्टेशन पर चुनाव आयोग यही मानेगा कि इस रकम का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने या राजनीतिक लाभ के लिए हो सकता है। इसलिए 50 हजार से अधिक रुपए व जेवरात लेकर निकल रहे हैं तो वैध दस्तावेज होना जरूरी है। इसके लिए एटीएम की स्लिप, फोन पर आया ट्रांजेक्शन का मैसेज, जेवरात खरीद-फरोख्त की रसीद सहित अन्य कागजात साथ रखकर चलें। रकम को व्यक्तिगत साबित करने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अमले को उसकी वैधता बतानी होगी। आपके पास मिली राशि आपके द्वारा आईटी विभाग को टैक्स के बारे में दी गई जानकारी के अनुरूप होना चाहिए।
रुपए और जेवर हों तो यह करें
– रुपए ट्रांजेक्शन की रसीद या बैंक की पास बुक होनी चाहिए
– जेवरात लेकर जा रहे तो बिल साथ रखें
– चेक है तो उसका पूरा विवरण होना चाहिए
– रुपए या जेवर का राजनीतिक या किसी पार्टी सम्बंध नहीं होना चाहिए
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जब्त होने के बाद यह कार्रवाई
पुलिस जांच में अगर आपके पास रुपए व जेवरात आदि के लीगत दस्तावेज हैं तो कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जांच के समय कोई लीगल दस्तावेज नहीं हैं या आप संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए तो पुलिस रुपए जब्त कर लेगी। इन जब्त रुपयों व जेवरात का निस्तारण जिला कलक्टर द्वारा जिला स्तरीय गठित तीन सदस्यों की कमेटी करती है। कमेटी के समक्ष आपको सात दिन में लीगल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। अगर रकम 10 लाख से ज्यादा है तो इनकम टेक्स विभाग को सूचित करना पड़ेगा। विभाग आपसे पूछताछ करेगा। सही दस्तावेज पाए जाने पर रकम दे दी जाएगी।
अंकित जैन
पुलिस उप अधीक्षक