आखिर ऐसी क्या वजह थी कि उद्यमियों को जाना पड़ा मुख्यमंत्री के पास

शहर में बिजली व्यवस्था की कमान संभाल रही केईडीएल कम्पनी और उद्यमियों के बीच का विवाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री तक पहुंच गया।

By: Dhitendra Kumar

Published: 12 May 2018, 04:50 PM IST

कोटा . शहर में बिजली व्यवस्था की कमान संभाल रही केईडीएल कम्पनी और उद्यमियों के बीच का विवाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। बिल में नगरीय कर में राहत नहीं मिली, उद्यमियों ने इसकी शिकायत की। उद्यमियों का आरोप है कि शिकायत पर उन्हें रीको क्षेत्र के उद्योगों की बिजली काटने की धमकी दी गई। इस मामले को कोटा व्यापार महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कोटा आई मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। उधर कंपनी का कहना है कि अप्रेल में आदेश आने से पहले बिल बन चुके थे, ऐसे में मई के बिल में समायोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Read More: जानिए किस तरह छिपा कर ले जा रहे मोबाइल ये कुख्यात अपराधी

दि एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल ने शुक्रवार सुबह केईडीएल कम्पनी के बिलिंग हेड रविशंकर शुक्ला को फोन कर बताया कि राज्य सरकार ने एक अप्रेल से उद्योगों में उपयोग होने वाली बिजली पर लगने वाले 0.15 पैसे प्रति यूनिट के नगरीय कर में छूट दे दी है। इसके बावजूद भी कम्पनी ने अप्रेल माह के बिजली उपभोग के बिल में नगरीय कर जोड़ दिया है, जिसे हटाया जाए। इस पर शुक्ला ने कहा कि हमारे पास सरकार द्वारा जारी सकुर्लर नहीं पहुंचा है। ऐसे में अप्रेल माह के बिल में नगरीय कर जोड़ा गया है।

 

इस पर मित्तल ने कहा कि सकुर्लर की कॉपी मैं आपको सौंप देता हूं। मित्तल का कहना है कि उस कॉपी को भी मानने से इनकार कर दिया और साथ ही कहा कि अगर आपने अप्रेल माह का बिल जमा नहीं कराया तो रीको औद्योगिक क्षेत्र में संचालित उद्योगों के बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इससे उद्यमी नाराज हो गए।

 

Read More:दूध की धार हुई पतली....

कोटा व्यापार महासंघ को सूचना मिली तो अध्यक्ष क्रांति जैन, महासचिव अशोक माहेश्वरी समेत अनेक व्यापारी केईडीएल के सीआरएम हेड अंजन मित्रा से मिले। उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। इस पर मित्रा ने आगामी बिलों में यूडी टैक्स को समायोजित करने का आश्वासन दिया। बाद में महासंघ ने कोटा आई मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से केईडीएल के अधिकारी द्वारा वरिष्ठ उद्यमी के साथ किए गए दुव्र्यवहार की शिकायत की। साथ ही, उद्योगों के समान घरेलू व व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों पर लग रहा यूडी टैक्स भी समाप्त करने की मांग की।


परिपत्र प्राप्त नहीं हुआ
उद्योगों के अप्रेल माह के बिजली बिल जारी होने तक सरकार द्वारा यूडी टैक्स में दी गई छूट का परिपत्र हमें प्राप्त नहीं हुआ था। मैंने कोई धमकी नहीं दी। सिर्फ यह जरूर कहा है कि अभी तो आपको यह बिल जमा कराना ही पड़ेगा, जिसे बाद में समायोजित कर देंगे। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो हमे कनेक्शन काटने पड़ेंगे।
-रविशंकर शुक्ला, बिलिंग हेड, केईडीएल

Show More
Dhitendra Kumar Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned