ठोस कार्रवाई के अभाव में अब यह जमीन यूआईटी के हाथ से खिसकने के कगार पर पहुंच चुकी है। राजस्व विभाग ने दो जून 2009 को अधिसूचना जारी कर लखावा गांव की 109.56 हैक्टेयर, खेड़ा जगपुरा की 159.01 हैक्टेयर, नयागांव की 21.66 हेक्टेयर, रोजड़ी की 167.17 हैक्येटर और फूटा तालाब गांव की 8.26 हैक्टेयर सिवायचक और चरागाह की जमीन यूआईटी को आवासीय और अन्य विकास योजनाएं विकसित करने के लिए दी थी।