16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

ईआरसीपी बना हुआ है राजनीतिक मुद्दा, ईआरसीपी के पहले बांध के निर्माण कार्य में सुस्ती

पूर्वी राजस्थान नहरी परियोजना (ईआरसीपी) के तहत कोटा जिले में कालीङ्क्षसध नदी पर एबरा नौनेरा बांध का निर्माण अभी तक 80 फीसदी ही काम पूरा हुआ है, जबकि अक्टूबर माह में इस बांध का कार्य पूरा करने का लक्ष्य था।

Google source verification

पूर्वी राजस्थान नहरी परियोजना (ईआरसीपी) के तहत कोटा जिले में कालीङ्क्षसध नदी पर एबरा नौनेरा बांध का निर्माण अभी तक 80 फीसदी ही काम पूरा हुआ है, जबकि अक्टूबर माह में इस बांध का कार्य पूरा करने का लक्ष्य था। इआरसीसी परियोजना राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। आचार संहिता के बाद इस परियोजना का काम भी सुस्त हो गया है। कांग्रेस ने ईआरसीपी परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में जन जागरण अभियान चला रखा है। भाजपा भी इस मुद्दे पर कांग्रेस पर ही परियोजना को अटकाने का आरोप लगा रखी है।

यह भी पढ़ें: Mandi News: बम्पर आवक के चलते गेहूं, सोयाबीन, धान व उड़द के भाव मंदे रहे

बांध की भरवा क्षमता 217 मीटर
नौनेरा बांध का निर्माण कार्य अक्टूबर 2018 में शुरू हुआ था और अक्टूबर 2023 में यह कार्य पूर्ण होना था। 1595.06 करोड़ के बजट में से अब तक केवल 601.02 करोड़ खर्च कर बांध का स्ट्रक्चर तैयार हुआ है। बांध की जल भराव क्षमता 217 मीटर है और 2593 हैक्टेयर में फैलाव रहेगा। 226.65 मिलीयन घन मीटर पानी संग्रहित हो सकेगा। बांध में हाइड्रोलिक गेट लग गए हैं और बांध में पानी रूकना शुरू हो गया है।

यह भी पढ़ें: Kota Kachori: चुनाव में प्रत्याशियों से ज्यादा चर्चा होती है इसकी, इसके बिना पूरी नहीं हो रही चुनावी बैठक

नौनेरा बांध इन जिलों में मिलेगा पानी
एबरा नौनेरा बांध के निर्माण से मूल प्रोजेक्ट के तहत 13 जिलों को पानी उपलब्ध कराने की योजना है। जिसमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली सवाईमाधोपुर, जयपुर, अजमेर, टोंक, कोटा, बूंदी, दौसा, बारां, झालावाड़ आदि शामिल है। बांध से ङ्क्षसचाई सुविधा भी मिलेगी और बांध से जुड़े जिलों के गांवों को बाढ़ एवं सूखा नियंत्रण में राहत मिलेगी। इस बजट में नए जिले बनाए गए हैं। अब नए जिलों को भी परियोजना को पानी मिल सकेगा। इसलिए अब नए जिलों के अनुसार नए सिरे से प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है।

यह भी पढ़ें: Fertilizer: चुनावी साल में किसानों की बल्ले-बल्ले, खाद के लिए नहीं झेलनी पड़ रही मारामारी

अन्य परियोजनाएं भी अटक रही
हाड़ौती किसान यूनियन के महामंत्री दशरथ कुमार ने बताया कि ईआरसीपी के तहत नौनेरा बांध, परवन सिचाई परिजना का काम राजनीति के चक्रव्यूह में फंसकर रह गया। नौनेरा बांध को अक्टूबर में ही पूरा हो जाना चाहिए था। इसी तरह 2012 में स्वीकृत परवन ङ्क्षसचाई परियोजना का निर्माण कार्य 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन यह भी अभी अधूरा पड़ा है।