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Good News: सालों बाद बदल गयी अस्पताल की सूरत, मिलेगा सवा लाख लोगों को लाभ

संभाग के एक मात्र कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय (ईएसआई) की सूरत अब बदली-बदली सी नजर आ रही है। यहां 9 करोड़ की लागत से कई कार्य कराए गए हैं।

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ESI Hospital

कोटा . संभाग के एक मात्र कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय (ईएसआई) की सूरत अब बदली-बदली सी नजर आ रही है। यहां 9 करोड़ की लागत से कई कार्य कराए गए हैं। पूरा ही अस्पताल नए स्वरूप में दिखाई देने लगा है। कुछ ही दिनों में इसका कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। करीब 34 साल बाद अस्पताल को नया जीवन मिला है। इससे पूर्व ये अस्पताल अव्यवस्थाओं के लिए जाना जाता था। अस्पताल की स्थापना से लेकर अब तक यहां कोई बड़ा कार्य नहीं हुआ था। 1984 के बाद पहली बार अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

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ये हुए कार्य
ईएसआई अस्पताल में करीब 9 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार के तहत पूरे अस्पताल की छत को रिपेयर किया गया। पूरी वायरिंग बदली गई। रंगाई-पुताई की गई है। शौचायल ठीक करवाए गए। वार्ड की सूरत बदली गई। अस्पताल में टाइल्स लगाई गई। फॉल सीलिंग, कूलर, पंखे, बैड, टूटी दीवारों की रिपेयरिंग, नए काउंटर, डॉक्टर्स रूम सहित, नल, स्टील वर्क से नया स्वरूप दिया गया है।

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करीब सवा लाख लोगों को मिल रहा लाभ
ईएसआई अस्पताल में 30 हजार लोगों के कार्ड बने हुए हैं, इसके चलते यहां करीब सवा लाख लोगों को लाभ मिल रहा है। विभिन्न संस्थाओं के ईएसआई कार्ड धारी का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। वहीं गंभीर बीमारियों के लिए उसे दूसरे अस्पतालों में रैफर कर दिया जाता है, जिसका समस्त भार अस्पताल द्वारा उठाया जाता है।

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60 बेड के अस्पताल में 5 विभाग संचालित
पहले यहां सामान्य बीमारियों का उपचार ही किया जाता था। धीरे-धीरे यहां सुविधाओं का विस्तार होता गया और इस 60 बैड के अस्पताल में पीडियाट्रिक, ओर्थोपेडिक, मेडिसिन, गायनी व सर्जरी विभाग संचालित किए जा रहे हैं। यहां प्रतिदिन 250 रोगियों की जांच कर परामर्श दिया जाता है। दवाएं भी नि:शुल्क दी जाती हैं।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीएल गोचर ने बताया रिनोवेशन कार्य से अस्पताल का स्वरूप बदल गया है, वहीं सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को लाभ मिल रहा है। शीघ्र ही कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।