
अयाना . अयानी गांव में सोमवार देर रात एक किसान की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इटावा मंडी में खरीद केन्द्र पर उड़द नहीं बिकने से वह परेशान था। इसी तनाव के चलते उसकी मौत हुई। जानकारी के अनुसार अयानी निवासी किसान रामकरण मीणा (70) गुरुवार को 125 क्विंटल उड़द लेकर इटावा मंडी में गया था। उसके पास 4 अक्टूबर का खरीद टोकन था। रामकरण के पुत्र छगन ने बताया कि मंडी में खरीद केंद्र के कर्मचारी ने उससे ग्रेडिंग करवाकर लाने को कहा। इसके बाद उसकी उपज को नापास कर दिया और 10 नवंबर को जिंस तुलवाने की बात कहकर घर भेज दिया।
चार दिन मंडी में रहने के बावजूद जिंस की तुलाई नहीं होने से किसान निराश होकर सोमवार रात घर पहुंचकर सो गया। देर रात सीने में दर्द होने पर परिजन उसे इटावा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उपजिला प्रमुख मनोज शर्मा ने शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इटावा मंडी के खरीद केंद्र पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इटावा अस्पताल के डॉक्टर आरसी मीणा ने बताया कि किसान को चिकित्सालय में जब लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। संभवत: हृदयाघात से मौत हुई है।
इधर, नाले के पानी से भीगा 30 बोरी उड़द
भामाशाह मंडी में मंगलवार सुबह करीब दस बजे रेलवे लाइन से सटे नीलामी स्थल के पास बना नाला जाम होने से ओवर फ्लो हो गया। गंदला पानी बहकर नीलामी स्थल तक चला गया। इससे वहां रखे उड़द के 10-12 ढेर भीग गए। किसान रामस्वरूप मेघवाल, औंकार नागर, दिनेश मीणा आदि ने बताया कि करीब 30 बोरी उड़द भीग गया, जिसे व्यापारियों ने खरीदने से मना कर दिया। उन्हें करीब 80 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।
इधर, व्यापारियों ने मंडी प्रशासन को शिकायत की तो आनन-फानन में ठेकेदार को बुलाकर नाले की गंदगी साफ कराई गई। तब जाकर दोपहर बाद नाला सुचारू हो पाया। भामाशाह मंडी सचिव डॉ. आरपी कुमावत ने बताया, नियमित रूप से मंडी के नीलामी स्थलों की सफाई कराई जाती है। बरसात से पहले मंडी के सभी नालों की सफाई करवाई है। कचरा आने से नाली ओवर फ्लो हो गई जिसे तत्काल ठीक करवा दिया।
Published on:
01 Nov 2017 06:52 pm
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