
- शहर के कई इलाको में बना हुआ है मूवमेन्ट
- दो दिन बाद फिर आएगी कोटा वन विभाग की टीम
बारां. शहर में करीब एक वर्ष से भी अधिक समय से लाल मुंह के बंदरो का आतंक बना हुआ है। बंदरो के हमले के भय से बच्चे व महिलाए छतो पर जाने से भी डरते है। इस अवधि में करीब आधा दर्जन से अधिक बच्चे व महिलाए बंदरो के हमले में घायल हो चुके है। नगर परिषद द्वारा भी लगातार लम्बे समय से बंदरो को पकडऩे की कवायद जारी है। लेकिन इतने समय बाद भी अभी तक मात्र चार बंदर पकड़ में आए है। जिसमे दो तो पिंजरे में केद हुए तथा दो को अभी हाल ही में कोटा वन विभाग की टीम ने ट्रेन्क्यूलाइज कर पकड़ा है।
शहर के लाल भैरुजी चौक निवासी नितिन शर्मा ने बताया कि अभी भी चार पांच लाल मुंह के बंदर तथा कई काले मुंह के बंदरो का आतंक बना हुआ है। रविवार को भी क्षेत्र में बंदर कई मकानो की छतो पर घुमते नजर आए है। जिनके भय से बच्चे व महिलाए छतो पर जाने से कतारा रहे है। शहर के चौमुखा क्षेत्र, सांवरा जी का मंदिर, दुबेजी का नोहरा, पोरवालो का नोहरा, शीतला चौक, श्रीजी मंदिर, मालादेवी मोहल्ला तथा कोतवाली क्षेत्र समेत कई अन्य मोहल्लो में भी लाल मुंह के बंदरो का आतंक है।
शुक्रवार शाम को कोटा से आई वन विभाग की टीम ने दो बंदरो को ट्रेन्क्यूलाइज कर पकड़ लिया था। जिन्हें बाद में पहचान का धागा पांव में बांधकर शाहाबाद के जंगलो में छोड़ दिया गया। लेकिन शहर के विभिन्न इलाको में अब भी बंदरो का मुवमेन्ट बना हुआ है।
नगर परिषद के एसआइ नरसी लाल स्वामी ने बताया कि शहर के सब्जी मंडी क्षेत्र स्थित पानी की टंकी के समीप से दो लाल मुंह के बंदरो को ट्रेन्क्यूलाइज कर शाहाबाद के जंगल में छुड़वाया गया है। इससे पूर्व बंदरो को पकडऩे के लिए मथुरा तथा गंगापुर सिटी की टीमे आई लेकिन इनमें एक टीम के पिंजरे में ही दो बंदर केद हो पाए थे। लम्बे समय रूकने के बाद एक टीम तो खाली हाथ वापस लोट गई। कोटा वन विभाग की टीम ने भी दूसरी बार में सफलता मिली। स्वामी ने बताया कि अब दो दिन बाद फिर कोटा की यहां पहुंचेगी तथा बंदरो को पकडऩे का प्रयास किया जाएगा।
Updated on:
10 Aug 2026 06:01 am
Published on:
10 Aug 2026 06:01 am
